आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब सिर्फ चैटबॉट या टेक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कार खरीदने के तरीके को भी पूरी तरह बदलने वाला है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक दुनियाभर में 4-5 करोड़ कार डील्स पर जेन एआई-पावर्ड असिस्टेंट का असर देखने को मिलेगा।
ओपनएआई और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की रिपोर्ट बताती है कि जो वाहन निर्माता कंपनियां ग्राहक अनुभव में जेन एआई (Generative AI) को जल्दी अपनाएंगी, उनकी बिक्री 20% तक बढ़ सकती है। वहीं, इस बदलाव से दूर रहने वाली कंपनियों को राजस्व में 15% तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
टेस्ट ड्राइव से लोन तक सब आसान
जेन एआई आधारित असिस्टेंट भविष्य में एक न्यूट्रल एडवाइजर के रूप में काम करेंगे। ग्राहक इनकी मदद से गाड़ी कॉन्फिगर कर सकेंगे, लोन विकल्पों की तुलना कर पाएंगे और सीधे टेस्ट ड्राइव शेड्यूल भी कर पाएंगे। यह बदलाव ग्राहकों की किसी एक ब्रांड के प्रति "ब्रांड लॉयल्टी" को कम कर सकता है, क्योंकि खरीदार अब कीमत, रेंज और फीचर्स जैसे प्रैक्टिकल फैक्टर के आधार पर गाड़ियों की तुलना कर खरीदने का फैसला लेंगे।