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गंगा एक्सप्रेसव: देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे तैयार! मेरठ से प्रयागराज सिर्फ 6 घंटे में, जानें कितना लगेगा टोल

Mon, 20 Apr 2026 05:52 PM IST
Suyash Pandey ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग और रोड-ट्रिप के शौकीनों के लिए एक शानदार खबर है। भारत का सबसे लंबा 'गंगा एक्सप्रेसवे' अब शुरू होने जा रहा है, जो मेरठ से प्रयागराज के 12 घंटे के थकाऊ सफर को घटाकर महज 6-7 घंटे कर देगा। 594 किलोमीटर लंबे और 6-लेन वाले इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से समय और ईंधन की काफी बचत होगी।
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गंगा एक्सप्रेसवे - फोटो : उत्तर प्रदेश इंडेक्स (@theupindex)
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में सड़क मार्ग से सफर करने वाले लोगों और माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल 2026 को यूपी के हरदोई जिले में बहुप्रतीक्षित 'गंगा एक्सप्रेसवे' का उद्घाटन करने जा रहे हैं। आपको बता दें कि यह भारत का सबसे लंबा 'ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे' है। इसकी आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी। आइए जानते हैं कि एक आम कार चालक या कमर्शियल वाहन संचालक के लिए यह नया एक्सप्रेसवे कितना फायदेमंद साबित होने वाला है।

एक्सप्रेसवे की मुख्य बातें 

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के जरिए तैयार किया गया यह शानदार प्रोजेक्ट करीब 36,230 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर दांदू गांव तक जाता है। वर्तमान में यह 6-लेन वाला एक 'एक्सेस-कंट्रोल्ड' कॉरिडोर है, लेकिन इसकी सबसे खास बात यह है कि भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए इसे 8-लेन तक विस्तार देने का प्रावधान भी रखा गया है।

सफर का समय और टोल टैक्स 

रोड ट्रिप के शौकीनों और नियमित यात्रियों के लिए यह एक्सप्रेसवे समय की बड़ी बचत लेकर आया है। जहां पहले मेरठ से प्रयागराज का सफर काफी थकाऊ होता था और इसमें लगभग 10 से 12 घंटे लग जाते थे, वहीं अब इस नए रूट की बदौलत यह दूरी महज 6 से 7 घंटे में सिमट जाएगी। सुविधाओं के साथ-साथ यहां टोल का भी विशेष ध्यान रखा गया है। कारों के लिए प्रस्तावित टोल दर करीब 2.55 रुपए प्रति किलोमीटर तय की गई है। इसका अर्थ है कि मेरठ से प्रयागराज तक के पूरे सफर के लिए आपको लगभग 1,500 रुपए का भुगतान करना होगा। ध्यान रहे कि पूरे रास्ते में निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आपकी गाड़ी पर सक्रिय FASTag होना अनिवार्य है।

किन 12 जिलों से होकर गुजरेगी आपकी गाड़ी?

यह एक्सप्रेसवे गंगा नदी के लगभग समानांतर चलता है और 519 गांवों को जोड़ता है। ड्राइविंग के दौरान आप यूपी के इन 12 जिलों से होकर गुजरेंगे:
  • मेरठ
  • हापुड़
  • बुलंदशहर
  • अमरोहा
  • संभल
  • बदायूं
  • शाहजहांपुर
  • हरदोई
  • उन्नाव
  • रायबरेली
  • प्रतापगढ़
  • प्रयागराज

खास फीचर: हाईवे पर उतरेंगे फाइटर जेट्स

सड़क सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर लंबी एक इमरजेंसी एयरस्ट्रिप (हवाई पट्टी) भी बनाई गई है। यह भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए है। मई 2025 में यहां लड़ाकू और ट्रांसपोर्ट विमानों को उतारकर इसका सफल परीक्षण भी किया जा चुका है।

अर्थव्यवस्था और टूरिज्म को मिलेगी रफ्तार

यह एक्सप्रेसवे न केवल सफर आसान बनाएगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी एक नई रफ्तार देगा। यात्रा के समय में कमी आने से ट्रकों और कमर्शियल वाहनों के ईंधन की भारी बचत होगी। इससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी और सप्लाई चेन पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। इसका सीधा लाभ किसानों को भी मिलेगा, अब वे अपनी जल्दी खराब होने वाली फसलों जैसे फल और सब्जियों को पश्चिमी यूपी और दिल्ली-एनसीआर की मंडियों तक कम समय में पहुंचा सकेंगे।
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इससे उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर दाम मिल पाएगा। साथ ही, प्रयागराज और आसपास के अन्य सांस्कृतिक केंद्रों के लिए सीधी और शानदार कनेक्टिविटी मिलने से अब रोड-ट्रिप और धार्मिक पर्यटन को भी काफी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

क्या आप जानते हैं?

वर्तमान में भारत के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 55% हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अब गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद, देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में यूपी की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 60% हो जाएगी।
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