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FY26 Sales: ह्यूंदै को लगा बड़ा झटका, छिना नंबर-2 का ताज; टाटा और महिंद्रा निकले आगे

Wed, 01 Apr 2026 05:52 PM IST
Suyash Pandey ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

FY2025-26 Sales: वर्षों तक भारत की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी रहने वाली ह्यूंदै अब खिसककर चौथे नंबर पर आ गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में महिंद्रा और टाटा मोटर्स ने अपनी दमदार एसयूवी और शानदार ईवी लाइनअप के जरिए ऑटो सेक्टर में बड़ा उलटफेर किया है। जानिए कैसे ह्यूंदै के हाथ से फिसला नंबर-2 का ताज और क्या रही टाटा-महिंद्रा की सफलता की असल वजह।
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ह्यूंदै, टाटा मोटर्स और महिंद्रा - फोटो : एक्स
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विस्तार
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वर्षों तक भारत की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी रहने वाली ह्यूंदै अब खिसक कर चौथे नंबर पर आ गई है। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के सेल्स आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अब बड़ा उलटफेर हुआ है। मारुति सुजुकी के बाद अब महिंद्रा और टाटा मोटर्स ने टॉप-3 में अपनी जगह पक्की कर ली है। वर्षों में यह पहली बार है जब ह्यूंदै टॉप-3 की लिस्ट से बाहर हुई है। आइए समझते हैं कि इस दौरान किस कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा।

FY26: किसने बेचीं कितनी गाड़ियां?

टॉप 4 में ह्यूंदै इकलौती ऐसी कंपनी है जिसकी बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। यहां देखें तीनों कंपनियों के आंकड़े:

कार कंपनी FY26 में बिकीं गाड़ियां FY25 के मुकाबले ग्रोथ/गिरावट
महिंद्रा 6,60,276 20% की शानदार बढ़त
टाटा मोटर्स 6,31,387 14% की दमदार बढ़त
ह्यूंदै 5,84,906 2.3% की गिरावट

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बड़ा अंतर: अब महिंद्रा और टाटा के बीच सिर्फ 29 हजार यूनिट्स का फासला है, यानी अगले साल (FY27) की रेस और भी रोमांचक होगी। वहीं, ह्यूंदै अब टाटा से लगभग 46 हजार और महिंद्रा से 75 हजार यूनिट्स पीछे हो गई है।

किस कंपनी ने कैसे पाई सफलता?

1. महिंद्रा: सिर्फ एसयूवी के दम पर बनी नंबर-2

महिंद्रा की इस बंपर सफलता का राज उसका सिर्फ एसयूवी सेगमेंट पर फोकस करना रहा। पूरे साल स्कॉर्पियो-एन, XUV700, थार और नई थार रॉक्स की मार्केट में जबरदस्त डिमांड रही। XUV700 और स्कॉर्पियो-एन जैसे मॉडल्स पर तो साल के ज्यादातर समय लंबा वेटिंग पीरियड भी चला।

2. टाटा मोटर्स: ईवी और सीएनजी ने बनाया 'ऑल-राउंडर'

टाटा मोटर्स की सफलता का सबसे बड़ा कारण यह रहा कि उसने किसी एक सेगमेंट पर निर्भर रहने के बजाय हर मोर्चे पर अपनी पकड़ मजबूत की। कंपनी ने हैचबैक और सेडान से लेकर एसयूवी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों तक, हर सेगमेंट में शानदार ग्रोथ दर्ज की है। विशेष रूप से टाटा आज भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) मार्केट का बेताज बादशाह बनकर उभरा है, जहां इसकी ईवी बिक्री 43% की छलांग लगाते हुए 92,120 यूनिट्स तक पहुंच गई। केवल इलेक्ट्रिक ही नहीं, बल्कि सीएनजी कारों में भी कंपनी ने 24% की बढ़त के साथ 1.7 लाख यूनिट्स का आंकड़ा पार कर अपनी मजबूती साबित की। हालांकि, टाटा की असली ताकत उसकी एसयूवी रेंज रही, जिसमें नेक्सॉन और पंच वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी बनीं। इसके साथ ही नई सिएरा, अपडेटेड पंच और पेट्रोल अवतार में आई हैरियर व सफारी जैसे नए लॉन्चेज ने पूरे साल कंपनी की रफ्तार को कम नहीं होने दिया।

3. ह्यूंदै: आखिर कहां हुई चूक?

ह्यूंदै का पोर्टफोलियो सबसे बड़ा है। इनके पास छोटी कारों से लेकर बड़ी एसयूवी तक सब कुछ है, लेकिन घरेलू बाजार में यह रणनीति इस बार काम नहीं आई और बिक्री 2.3% घट गई। हालांकि, एक अच्छी बात यह रही कि गाड़ियां एक्सपोर्ट करने के मामले में ह्यूंदै अभी भी भारत में नंबर-1 है यानी 1,63,386 यूनिट्स का निर्यात, लेकिन घरेलू बाजार का यह भारी नुकसान सिर्फ एक्सपोर्ट से पूरा नहीं हो सका।

आखिरी तिमाही (Q4) में टाटा का दबदबा

अगर साल की आखिरी तिमाही (Q4 FY26) के प्रदर्शन पर नजर डालें तो यहां भी टाटा मोटर्स का ही बोलबाला रहा। टाटा ने 36% की जबरदस्त सालाना ग्रोथ दर्ज करते हुए कुल 1,98,743 गाड़ियां बेचीं, जो इसे बाकी कंपनियों से काफी आगे खड़ा करता है। वहीं, महिंद्रा ने भी अपनी रफ्तार बरकरार रखते हुए 23% की बढ़त के साथ घरेलू बाजार में 1,83,800 एसयूवी की बिक्री की। दिलचस्प बात यह है कि ह्यूंदै के लिए यह तिमाही ऐतिहासिक रही और कंपनी ने 1,66,578 यूनिट्स बेचकर अपना अब तक का सबसे बेहतरीन तिमाही स्कोर खड़ा किया। लेकिन 8.5% की इस व्यक्तिगत बढ़त के बावजूद, ह्यूंदै टाटा और महिंद्रा की तेज रफ्तार के सामने टिक नहीं पाई और रैंकिंग में पीछे रह गई।

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