प्रधानमंत्री मोदी ने की सराहना
नई दिल्ली घोषणापत्र के साथ समाप्त हुए AI इम्पैक्ट समिट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्वदेशी नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की तकनीकी क्षमताओं को आज पूरी दुनिया मान रही है और हमारे युवाओं की यह सोच पूरी मानवता के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
ये भी पढ़े: Toll Tax: क्या 2026 के टोल नियम आपकी रोज की यात्रा को प्रभावित करेंगे? जानें मासिक पास और टोल-फ्री नियम
जीरो एमिशन: पिछले 30 महीनों में कंपनी ने 3.6 मिलियन से अधिक ड्रोन डिलीवरी की हैं, जिससे हजारों टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है। यह पारंपरिक पेट्रोल डिलीवरी वाहनों का एक हरा-भरा (Green) विकल्प है।
गुरुग्राम से ग्लोबल स्केल तक
कंपनी का पायलट ऑपरेशन गुरुग्राम में है, जिसे नेशनल और फिर इंटरनेशनल विस्तार के लिए लॉन्चपैड बनाया गया है। साथ ही इसे भारत को एआई इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। है।
AI Impact Summit 2026: क्या तय हुआ था?
नई दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट 2026 का समापन न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन के साथ हुआ। इसमें 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला और एआई को आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण से जोड़ने पर सहमति मिली। ये ड्रोन-आधारित स्वचालित लॉजिस्टिक्स मॉडल उसी व्यापक एआई इकोसिस्टम का हिस्सा है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
एक्सपर्ट्स के अनुसार इस बदलाव से लास्ट-माइल व्हीकल की मांग घट सकती है, ईवी डिलीवरी फ्लीट पर लागत दबाव कम होगा, कार्बन-न्यूट्रल लॉजिस्टिक्स मॉडल को बढ़ावा मिलेगा और स्मार्ट सिटी इंटीग्रेशन की संभावना बढ़ गई है। भविष्य में ड्रोन कॉरिडोर, एआई ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्वायत्त ग्राउंड व्हीकल्स का एकीकृत नेटवर्क विकसित हो सकता है। साथ ही इनका मानना है कि मानव- रहित डिलीवरी से लॉजिस्टिक्स की लागत 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है।