राष्ट्राध्यक्षों की ये कार हैं चलते-फिरते किले
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पुतिन की ऑरस सेनेट को क्यों कहा जाता है ‘पहियों पर किला’?
- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आधिकारिक कार ऑरस सेनेट है। यह रूस की लग्जरी कार निर्माता कंपनी ऑरस की कार है और इसे रूसी सरकारी संस्थानों के सहयोग से विकसित किया गया है। पुतिन के शपथ ग्रहण समारोह में ऑरस सेनेट पहली बार प्रमुखता से सामने आई थी। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति के आधिकारिक काफिले में मर्सिडीज-बेंज S600 गार्ड पुलमैन जैसी कारों का इस्तेमाल होता था।
- ऑरस सेनेट को खास तौर पर रूस की सरकारी और राष्ट्रपति राष्ट्रपति स्तर की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसकी लंबाई करीब सात मीटर तक बताई जाती है, जिससे यह सामान्य लग्जरी सेडान के मुकाबले काफी बड़ी दिखाई देती है।
दमदार इंजन और हाइब्रिड सिस्टम
ऑरस सेनेट के बारे में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इसमें 4.4-लीटर ट्विन-टर्बो V8 इंजन के साथ हाइब्रिड सिस्टम दिया गया है। इसका आउटपुट करीब 598 हॉर्सपावर और टॉर्क लगभग 880 Nm बताया जाता है। कार को सिर्फ ताकतवर बनाने पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि इसे राष्ट्रपति स्तर की सुरक्षा जरूरतों के मुताबिक भी तैयार किया गया है।
गाड़ी का इंजन और परफॉर्मेंस
भारी-भरकम और पूरी तरह आर्मर्ड दिखने के बावजूद, यह कार परफॉर्मेंस में बेहद तेज है। इसमें 4.4 लीटर का ट्विन-टर्बो V8 इंजन मिलता है। साथ ही इसमें हाइब्रिड सिस्टम भी लगाया गया है। कार 0-100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार मात्र 6-9 सेकंड के अंदर पकड़ सकती है। गाड़ी की टॉप स्पीड लगभग 249 किमी प्रति घंटा है। काफिले की मूवमेंट और हाई-सिक्योरिटी हालात में जब स्मूद और तेज एक्सलेरेशन की जरूरत होती है, तब यह प्रदर्शन बेहद अहम साबित होता है। ऑरेस ब्रांड के मुताबिक, कार यूनिफाइड मॉड्यूलर प्लेटफार्म पर बनी है, जिसकी वजह से व्हीलबेस, लंबाई और मॉडल को आसानी से बदलना संभव होता है।
सुरक्षा के लिए खास आर्मरिंग
- ऑरस सेनेट के आर्मर्ड वर्जन में बेहद मजबूत सुरक्षा व्यवस्था होने की जानकारी सामने आती रही है। इसकी सुरक्षा को लेकर वीआर10 बैलिस्टिक प्रोटेक्शन का दावा किया जाता है।
- रिपोर्ट्स की मानें तो इसके बुलेटप्रूफ ग्लास, रन-फ्लैट टायर और अलग-अलग आपातकालीन सुरक्षा प्रणालियों का भी जिक्र मिलता है। इसमें आग से बचाव और केमिकल हमले जैसी परिस्थितियों में सुरक्षा के लिए विशेष सिस्टम होने की भी जानकारी दी जाती है। हालांकि, किसी भी प्रेसिडेंशियल कार की वास्तविक सुरक्षा क्षमता और उसके सभी सुरक्षा सिस्टम सार्वजनिक नहीं किए जाते।
इंटीरियर और वीआईपी कंफर्ट
इस गाड़ी के इंटीरियर की बात करें तो इस गाड़ी में आपको सुरक्षा के साथ-साथ वीआईपी कंफर्ट भी मिलता है। गाड़ी में कैबिन के अंदर एक लक्जरी लाउंज जैसा महसूस होता है। इस गाड़ी में प्रीमियम लेदर सीटें, असली वुडन फिनिश, बड़े स्क्रीन और कंट्रोल सिस्टम, फ्रंट और रियर के बीच प्राइवेसी डिवाइडर, सीट हीटिंग और कूलिंग और मसाज ऑप्शन सुविधाएं शामिल हैं।
पुतिन जहां जाते हैं, कार भी पहुंचती है
ऑरेस सेनेट की कार की दिलचस्प बात यह है कि यह सिर्फ रूस में राष्ट्रपति की आधिकारिक कार के रूप में ही नहीं चलती, बल्कि विदेश यात्राओं के दौरान भी पुतिन के लिए इसी तरह की आधिकारिक कार को उनके काफिले के साथ पहुंचाया जाता है।
बता दें कि 2025 में चीन में हुए एससीओ सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पुतिन के साथ ऑरस सेनेट में सवार होकर द्विपक्षीय बैठक स्थल तक गए थे।
यानी यह कार रूस के राष्ट्रपति के आधिकारिक प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुकी है।
होंगकी N701 की खासियत
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शी जिनपिंग की होंगकी का मतलब है ‘लाल झंडा’
- अब बात करते हैं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कार की। उनके आधिकारिक काफिले में सबसे ज्यादा चर्चा होंगकी N701 की होती है।
- होंगकी का मंदारिन यानी की चीनी में बोली जाने वाली भाषा में अर्थ ‘लाल झंडा’ होता है। यह चीन के सबसे पुराने यात्री कार ब्रांडों में से एक है। इसकी शुरुआत 1958 में हुई थी और लंबे समय तक इसका संबंध चीन के शीर्ष सरकारी अधिकारियों और आधिकारिक कार्यक्रमों से रहा है। आज होंगकी चीन के लग्जरी कार बाजार में भी मौजूद है, लेकिन N701 आम ग्राहक के लिए बनाई गई कार नहीं है।
होंगकी N701 आम बाजार में नहीं मिलती
- दिलचस्प बात यह भी है कि होंगकी N701 एक विशेष प्रेसिडेंशियल लिमोजीन है। इसे कोई भी आम ग्राहक डीलरशिप से खरीद नहीं सकता।
- यह कार पहली बार सार्वजनिक रूप से 2022 में शी जिनपिंग की हांगकांग यात्रा के दौरान नजर आई थी। इसके बाद यह चीन के राष्ट्रपति की आधिकारिक यात्राओं से जुड़ी रही है। मिस्र की हालिया यात्रा के दौरान भी N701 उनके काफिले में दिखाई दी।
- यही वजह है कि इसकी कीमत को सामान्य लग्जरी कार की तरह बताना सही नहीं होगा। यह एक सीमित और विशेष सरकारी इस्तेमाल के लिए तैयार की गई कार है।
N701 की सबसे बड़ी खासियत ही इसका रहस्य है
- होंगकी N701 के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा इसकी सुरक्षा को लेकर होती है, लेकिन यहां सबसे जरूरी बात यह है कि इसकी सटीक सुरक्षा विशेषताएं आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं हैं।
- इसकी आर्मर प्लेट कितनी मोटी है, ग्लास किस स्तर का है, यह किस तरह के हमले या विस्फोट को झेल सकती है या इसमें कौन-कौन से विशेष सुरक्षा सिस्टम हैं, इनमें से ज्यादातर जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
- इसलिए इंटरनेट पर N701 को लेकर किए जाने वाले बुलेटप्रूफ, बमप्रूफ या परमाणु हमले से सुरक्षित’ जैसे दावों को आधिकारिक तथ्य नहीं माना जा सकता। उपलब्ध रिपोर्टें भी इसकी सुरक्षा व्यवस्था को काफी हद तक गोपनीय बताती हैं।
डिजाइन से ही दिखता है प्रेसिडेंशियल रुतबा
- किसी भी कार को लोग सबसे पहले उसके बाहरी डिजाइन से देखते हैं। होंगकी N701 को पहली नजर में देखने पर इसका बड़ा और लंबा आकार सबसे पहले ध्यान खींचता है। इसमें लंबी बॉडी, बड़ी फ्रंट ग्रिल, क्रोम फिनिश और काफी बड़ा रियर केबिन दिया गया है।
- कार के फ्रंट फेंडर पर झंडे लगाने के लिए विशेष माउंटिंग पॉइंट्स भी दिखाई देते हैं। विदेश यात्राओं के दौरान इनका इस्तेमाल आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत किया जाता है। पीछे की तरफ भी इसका डिजाइन काफी सादा लेकिन भव्य रखा गया है। बड़े ग्लास एरिया, क्रोम एलिमेंट और लंबी बॉडी इसे सामान्य लग्जरी सेडान से अलग पहचान देते हैं।
इंजन और सुरक्षा की पूरी जानकारी क्यों नहीं मिलती?
- N701 की तकनीकी जानकारी का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक नहीं है। इसके इंजन और प्रदर्शन के आंकड़े भी आधिकारिक तौर पर पूरी तरह सामने नहीं आए हैं।
- कुछ रिपोर्टों में V8 या V12 इंजन की संभावना बताई गई है, लेकिन इसे आधिकारिक स्पेसिफिकेशन नहीं माना जा सकता। इसी तरह कार की आर्मरिंग और सुरक्षा सिस्टम से जुड़ी कई जानकारियां भी अनुमान और मीडिया रिपोर्टों तक सीमित हैं।
- यह स्वाभाविक भी है, क्योंकि राष्ट्रपति की सुरक्षा वाली कार के बारे में उसकी पूरी तकनीकी क्षमता सार्वजनिक करना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
हाेंगकी सिर्फ कार नहीं, चीन की पहचान भी
- बता दें कि होंगकी की कहानी सिर्फ ऑटोमोबाइल तक सीमित नहीं है। चीन में यह ब्रांड लंबे समय से सरकारी नेतृत्व और राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जुड़ा रहा है। अब चीन जिस तरह वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा है, उसमें होंगकी उसकी घरेलू लग्जरी कार इंडस्ट्री की पहचान बन चुकी है।
- ऐसे में शी जिनपिंग की विदेश यात्राओं में N701 का इस्तेमाल सिर्फ सुविधा या सुरक्षा का मामला नहीं है। यह चीन में बनी एक खास कार को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और आधिकारिक पहचान के साथ पेश करने का तरीका भी है।
N701 विदेश यात्राओं में भी साथ रहती है
- होंगकी N701 चीन के बाहर भी शी जिनपिंग के साथ नजर आ चुकी है। इसे उनकी सऊदी अरब यात्रा के दौरान भी देखा गया था। मिस्र की हालिया यात्रा में भी यह कार उनके आधिकारिक काफिले का हिस्सा बनी।
- इससे पता चलता है कि N701 सिर्फ चीन के भीतर राष्ट्रपति के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है। विदेश यात्रा के दौरान भी इसे आधिकारिक प्रोटोकॉल का हिस्सा बनाया जाता है।
मिस्र में N701 की मौजूदगी का क्या मतलब है?
- शी जिनपिंग की मिस्र यात्रा करीब दस साल बाद हुई। ऐसे समय में जब चीन और मिस्र के बीच आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक संबंधों का विस्तार हो रहा है, राष्ट्रपति की खास कार का वहां नजर आना भी प्रतीकात्मक महत्व रखता है।
- मिस्र की भौगोलिक स्थिति भी बेहद महत्वपूर्ण है। स्वेज नहर एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच एक अहम समुद्री व्यापार मार्ग है। चीन के लिए मिस्र व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से महत्वपूर्ण साझेदार है। इसलिए काहिरा की सड़कों पर दिखाई देने वाली N701 को केवल एक कार के रूप में देखना पूरी तस्वीर नहीं बताता। यह चीन की बढ़ती औद्योगिक और कूटनीतिक मौजूदगी का भी प्रतीक बनती है।
पुतिन और जिनपिंग की कारों में क्या समान है?
ऑरेस सेनेट और होंगकी N701 दोनों अलग देशों की कारें हैं, लेकिन इनके पीछे सोच काफी हद तक समान है। दाेनों ही कारें आम ग्राहकों के लिए बनाई गई सामान्य लग्जरी कारें नहीं हैं। राष्ट्राध्यक्ष की सुरक्षा और आधिकारिक प्रोटोकॉल को ध्यान में रखती हैं। अपने-अपने देश की घरेलू ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को प्रदर्शित करती हैं।विदेश यात्राओं के दौरान आधिकारिक काफिले का हिस्सा बनती हैं। इनकी वास्तविक सुरक्षा क्षमताओं की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है। यानी इन कारों की असली कीमत केवल इंजन, डिजाइन या लग्जरी फीचर्स में नहीं है। इनकी सबसे बड़ी पहचान सुरक्षा, गोपनीयता और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा है।
ये सिर्फ कारें नहीं, सत्ता और सुरक्षा का प्रतीक हैं
- मतलब की पुतिन की ऑरेस सेनेट रूस की ऑटोमोबाइल आत्मनिर्भरता और राष्ट्रपति सुरक्षा का प्रतीक है, जबकि शी जिनपिंग की हाेंगकी N701 चीन की राजनीतिक विरासत, घरेलू ऑटो उद्योग और बढ़ती वैश्विक मौजूदगी को दिखाती है।
- इन कारों को लेकर बुलेटप्रूफ और विस्फोट-रोधी क्षमता के कई दावे किए जाते हैं, लेकिन खासकर N701 के मामले में वास्तविक सुरक्षा स्पेसिफिकेशन गोपनीय हैं। इसलिए परमाणु बम का भी असर नहीं होगा जैसे दावे को तथ्य के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।
- फिर भी एक बात साफ है कि राष्ट्राध्यक्षों की ये कारें सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं हैं। ये चलती हुई सुरक्षा व्यवस्था, आधिकारिक प्रोटोकॉल और राष्ट्रीय ताकत का प्रतीक होती हैं।