अमेरिकी कार निर्माता फोर्ड ने अमेरिका में 1,79,698 वाहनों को वापस बुलाने का फैसला किया है। यह रिकॉल 2024-2026 फोर्ड रेंजर और फोर्ड ब्रॉन्को के कुछ मॉडल्स को प्रभावित कर रहा है। यूएस नेशनल हाइवे ट्रैफिक एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) के अुनसार, इन वाहनों में फ्रंट सीट फ्रेम के बोल्ट ढीले हो सकते हैं।
Ford Seat Frame Problem: क्या समस्या सामने आई?
NHTSA ने बताया कि अगर सीट फ्रेम का बोल्ट ढीला हो जाता है, तो दुर्घटना के दौरान सीट यात्री को सही तरीके से सुरक्षित रखने में नाकाम साबित हो सकती है। इससे यात्रियों को कई प्रकार की परेशानियां हो सकती हैं। जैसे यात्री को गंभीर चोट लग सकती है।
- सीट की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
- क्रैश प्रोटेक्शन कम हो सकता है।
कौन-कौन से मॉडल प्रभावित हुए हैं?
इस रिकॉल में 2024 फोर्ड रेंजर, 2025 फोर्ड रेंजर, 2026 फोर्ड रेंजर, 2024 फोर्ड ब्रोंको, 2025 फोर्ड ब्रोंको, 2026 फोर्ड ब्रोंको मॉडल प्रभावित हुए हैं। हालांकि इनकी सभी यूनिट प्रभावित नहीं हैं, बल्कि कुछ खास बैच इस रिकॉल के दायरे में आए हैं।
अब कंपनी का क्या प्लान है?
रिकॉल की घोषणा करने के बाद फोर्ड का कहना है कि उसके अधिकृत डीलर्स पिवट लिंक्स और बोल्ट्स की जांच करेंगे। इसके बाद जरूरत पड़ने पर खराब पार्ट्स बदलेंगे। अच्छी बात ये है इस पूरी प्रक्रिया में ग्राहकों को कोई भुगतान नहीं करना पड़ेगा। यह पूरी प्रक्रिया ग्राहकों के लिए मुफ्त होगी।
तो क्या भारत पर भी इसका असर पड़ सकता है?
फिलहाल तो यह रिकॉल सिर्फ अमेरिकी बाजार तक ही सीमित है। भारत में बिकने वाले फोर्ड के किसी भी मॉडल पर इसका असर नहीं बताया गया है। ना ही भारतीयों के लिए कंपनी ने कोई घोषणा की है।
ऑटो एक्सपर्ट्स का क्या मानना है?
इन रिकॉल्स पर ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक ढीला बोल्ट सुनने में भले ही कोई बड़ी बात न लग रही हो, लेकिन जब गाड़ी 80 किमी की रफ्तार से चल रही हो, तो यह खामी जानलेवा भी साबित हो सकती है।