क्या है फोर्ड के चेन्नई प्लांट की मौजूदा स्थिति
कंपनी के अमेरिकी मुख्यालय (मिशिगन) में जल्द ही एक बैठक होने वाली है, जिसमें तमिलनाडु स्थित चेन्नई प्लांट का भविष्य तय किया जाएगा। शुरुआत में फोर्ड की योजना थी कि इस प्लांट का इस्तेमाल इंजन एक्सपोर्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए किया जाएगा। लेकिन ग्लोबल मार्केट में बदलती प्राथमिकताओं और बढ़ते ट्रेड बैरियर्स (व्यापारिक अवरोधों) के चलते कंपनी ने अपने फैसले पर दोबारा विचार शुरू कर दिया है।
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फिलहाल कंपनी दो विकल्पों पर विचार कर रही है-
- या तो प्लांट को दोबारा शुरू किया जाए,
- या फिर इस निवेश को पूरी तरह नुकसान मानकर बंद कर दिया जाए।
रिपोर्ट के मुताबिक, अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि, फोर्ड के अधिकारियों में पहले जो 'सावधानी भरा आशावाद' था, अब वह 'चिंता' में बदल गया है।
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यूरोप पर फोर्ड का ज्यादा ध्यान
भारत की अनिश्चित स्थिति के बीच, फोर्ड अब अपना ध्यान यूरोपियन बाजार की ओर मोड़ रही है। कंपनी ने जर्मनी में 4.4 अरब रुपये का निवेश किया है, कोलोन (Cologne) में एक इलेक्ट्रिक वाहन परियोजना (प्रोजेक्ट) शुरू की है, और यूके में बैटरी रिसर्च और कंपोनेंट हब तैयार कर रही है। यह सब फोर्ड के इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रणनीतिक बदलाव का हिस्सा है। जो कंपनी के लिए अधिक महत्वपूर्ण बाजार साबित हो रहे हैं।
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तमिलनाडु सरकार की चिंता
तमिलनाडु सरकार चाहती है कि फोर्ड जल्द से जल्द अपने चेन्नई प्लांट को लेकर स्पष्टता दे। राज्य सरकार इस प्लांट को फिर से चालू करने और ऑटोमोटिव सेक्टर में निवेश बढ़ाने की इच्छुक है। हालांकि कंपनी ने बयान जारी करते हुए कहा है, "हमारी स्थिति 2024 के आखिर में घोषित नीति से नहीं बदली है।"
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फोर्ड का सर्विस बिजनेस जारी रहेगा
ध्यान देने योग्य बात यह है कि चेन्नई प्लांट पर जो भी फैसला होगा, उसका असर फोर्ड के फोर्ड बिजनेस सॉल्यूशंस (FBS) (एफबीएस) डिवीजन पर नहीं पड़ेगा। यह इकाई टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और बिजनेस सर्विस से जुड़ा है और टैरिफ फ्री सेक्टर में आता है। फिलहाल एफबीएस में करीब 12,000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जो चेन्नई से दुनिया भर के ऑपरेशंस संभालते हैं।
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क्या होगी वापसी?
फोर्ड की भारत वापसी को लेकर जो उम्मीदें बंधी थीं, वे अब अनिश्चित हो गई हैं। अगर कंपनी ने चेन्नई प्लांट को बंद करने का फैसला लिया, तो यह न सिर्फ फोर्ड बल्कि तमिलनाडु के ऑटो सेक्टर के लिए भी बड़ा झटका साबित होगा। अब सबकी निगाहें फोर्ड के अगले एलान पर टिकी हैं - क्या फोर्ड भारत लौटेगी, या हमेशा के लिए अलविदा कह देगी?
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