फोर्ड फिएस्टा में सामने आई बड़ी खामी
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Ford engine failure: अमेरिकी नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) ने फोर्ड की कुछ पुरानी कारों और SUVs में संभावित सुरक्षा जोखिम की जांच को और गंभीर स्तर पर पहुंचा दिया है। जांच के अनुसार, टाइमिंग बेल्ट में खराबी आने से इंजन ऑयल प्रेशर कम हो सकता है, जिससे चलते वाहन की पावर अचानक खत्म हो सकती है या इंजन पूरी तरह जाम हो सकता है।
किन गाड़ियों की हो रही है जांच?
रॉयटर्स के अनुसार NHTSA ने 2014 से 2021 मॉडल वर्ष की करीब 1.35 लाख फोर्ड फिएस्टा, फोर्ड फोकस और फोर्ड इकोस्पोर्ट कारों की जांच को अपग्रेड किया है। ये सभी वाहन 1.0-लीटर इंजन के साथ आते हैं।
क्या है पूरा मामला?
- अमेरिकी ऑटो सेफ्टी रेगुलेटर के मुताबिक, टाइमिंग बेल्ट का मटेरियल समय के साथ खराब हो सकता है। इससे निकलने वाला मलबा ऑयल पंप की स्क्रीन को जाम कर देता है, जिससे इंजन ऑयल प्रेशर अचानक कम हो जाता है।
- ऑयल प्रेशर कम होने की वजह से वाहन की पावर खत्म हो सकती है और गंभीर मामलों में इंजन पूरी तरह जाम भी हो सकता है।
कितनी शिकायतें मिलीं?
- NHTSA का कहना है कि उसे अब तक 355 ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट मिली है, जिनमें ड्राइविंग के दौरान लो-इंजन ऑयल प्रेशर की चेतावनी मिलने के तुरंत बाद वाहन की पावर खत्म होने या कम होने का दावा किया गया है।
- एजेंसी के अनुसार, कई मामलों में यह खराबी बिना पर्याप्त चेतावनी के सामने आई।
चालकों को क्या कहना है?
- डेलावेयर के विलमिंगटन में एक ड्राइवर ने शिकायत में बताया कि उसकी 2017 फोर्ड फोकस में ऑयल प्रेशर लाइट जलने के बाद महज एक-आठवें मील के भीतर गाड़ी की पूरी पावर खत्म हो गई और इंजन से तेज आवाज आने लगी।
- इसके अलावा कुछ ग्राहकों का यह भी कहना हे कि इंजन रिपेयर कराने में उन्हें हजारों डॉलर खर्च करने पड़े।
कितने किलोमीटर चलने के बाद आई समस्या?
जांच के आंकड़ों के अनुसार, औसतन 70 हजार मील चलने के बाद यह खराबी सामने आई। हैरानी की बात यह है कि 98 प्रतिशत मामले उस 1,50,000 मील की सीमा से पहले सामने आए, जिस पर टाइमिंग बेल्ट बदलने की सलाह दी जाती है।
Ford ने क्या कदम उठाया?
- जून में फोर्ड ने एनएचटीएसए को बताया था कि वह 1.0L Fox Classic टाइमिंग बेल्ट वाले ग्लोबल वाहनों के लिए एक नॉन-सेफ्टी कस्टमर सैटिस्फैक्शन प्रोग्राम चला रही है।
- इसके तहत कंपनी ने टाइमिंग बेल्ट बदलने का अंतराल घटाकर एक लाख मील या छह साल कर दिया है। इसके अलावा, कंपनी पहले कराए गए इंजन रिपेयर या रिप्लेसमेंट के लिए पात्र ग्राहकों को रिइम्बर्समेंट भी दे रही है।
NHTSA ने क्या कहा?
- एजेंसी ने कहा कि उपलब्ध डेटा, फेल्योर रेट, फोर्ड ओर से दी गई जानकारी और शुरुआती जांच के आधार पर यह मोटर वाहन सुरक्षा के लिए एक गंभीर जोखिम हो सकता है।
- फिलहाल जांच को इंजीनियरिंग एनालिसिस के स्तर तक बढ़ाया गया है। यह प्रक्रिया किसी संभावित रिकॉल से पहले का अहम चरण माना जाता है।
क्या फाेर्ड को रिकॉल करना पड़ सकता है?
जांच के अगले चरण में NHTSA यह तय करेगी कि इन वाहनों को आधिकारिक तौर पर रिकॉल किया जाए या नहीं। फिलहाल फाेर्ड की ओर से इस मामले पर कोई तत्काल टिप्पणी नहीं की गई है।