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Formula One: जापान GP से पहले फॉर्मूला वन नियमों में बदलाव, FIA ने क्वालिफाइंग के लिए ऊर्जा सीमा घटाई

Fri, 27 Mar 2026 10:10 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

FIA, जो फॉर्मूला वन की गवर्निंग बॉडी है, ने सीजन के शुरुआती राउंड के बाद ड्राइवरों और टीमों से मिले फीडबैक के आधार पर, आने वाले जापानी ग्रां प्री की क्वालिफाइंग के लिए अपने एनर्जी मैनेजमेंट नियमों में थोड़ा बदलाव करने की घोषणा की है।
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Formula One - फोटो : Formula One
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विस्तार
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फॉर्मूला वन की गवर्निंग बॉडी ( FIA) ने जापानी ग्रां प्री से पहले क्वालिफाइंग के लिए ऊर्जा प्रबंधन नियमों में बदलाव किया है। यह फैसला सीजन के शुरुआती राउंड के बाद ड्राइवरों और टीमों से मिली प्रतिक्रिया के बाद लिया गया है।

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नियमों में क्या बदलाव किया गया है?
क्वालिफाइंग के दौरान अधिकतम ऊर्जा रिकवरी लिमिट को घटाया गया है:

  • पहले: 9 मेगाजूल

  • अब: 8 मेगाजूल

इस बदलाव पर सभी टीमों और इंजन सप्लायर्स की सहमति बनी है।

इस बदलाव का क्या असर होगा?
नई लिमिट के बाद ड्राइवर्स को बैटरी चार्ज करने के लिए कम समय धीमा होना पड़ेगा।
इससे:

  • ज्यादा समय फुल थ्रॉटल पर ड्राइविंग

  • ज्यादा तेज और लगातार लैप टाइम

देखने को मिल सकते हैं।


यह बदलाव क्यों जरूरी था?
2026 के नए नियमों के तहत अब F1 कारों में:

  • इंजन और इलेक्ट्रिक पावर का लगभग बराबर उपयोग होता है

इस वजह से ऊर्जा प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण हो गया था, जिससे:

  • ड्राइवर्स को “लिफ्ट एंड कोस्ट” तकनीक अपनानी पड़ रही थी

  • बैटरी मैनेजमेंट ज्यादा अहम हो गया था

 

क्या इससे रेसिंग पर असर पड़ा था?
हां, कई लोगों का मानना था कि:

  • क्वालिफाइंग अब स्पीड से ज्यादा बैटरी मैनेजमेंट का खेल बन गई है

  • ड्राइवर की स्किल और आक्रामकता का असर कम हो गया है


FIA का उद्देश्य क्या है?
FIA इस बदलाव के जरिए संतुलन बनाना चाहता है:

  • टेक्नोलॉजी और ऊर्जा मैनेजमेंट

  • ड्राइवर की परफॉर्मेंस और स्पीड

 

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क्या तुरंत असर दिखेगा?
इस बदलाव का असली असर जापान के सुजुका सर्किट पर क्वालिफाइंग के दौरान ही साफ होगा।
तभी पता चलेगा कि यह फैसला रेसिंग को कितना बेहतर बनाता है। 

खेल को ज्यादा रोमांचक बनाने की कोशिश
F1 में यह बदलाव दिखाता है कि खेल को ज्यादा रोमांचक और ड्राइवर-केंद्रित बनाने की कोशिश की जा रही है।
अब ध्यान फिर से स्पीड और परफॉर्मेंस पर लाने की कोशिश हो रही है।

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