दिल्ली-एनसीआर में CNG (सीएनजी) से चलने वाले तीन-पहिया वाहनों के नए पंजीकरण पर प्रस्तावित रोक को लेकर ऑटोमोबाइल उद्योग से जुड़े संगठनों ने गंभीर चिंता जताई है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) (फाडा) का कहना है कि यह कदम सरकार की स्वच्छ ईंधन नीति के विपरीत है। और इससे प्रदूषण कम होने के बजाय कई व्यावहारिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
FADA के अनुसार, नए सीएनजी तीन-पहिया वाहनों के पंजीकरण पर प्रस्तावित प्रतिबंध उस स्वच्छ ईंधन ढांचे के खिलाफ है, जिसे दिल्ली में शीला दीक्षित सरकार के दौरान अदालत की निगरानी में लागू किया गया था और जिसने सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ ईंधन की ओर मोड़ा था।
FADA की दिल्ली इकाई ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर सीएनजी चालित तीन-पहिया वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने के किसी भी कदम का विरोध किया है। साथ ही संगठन ने स्क्रैपेज से जुड़ी एक व्यवस्थित तीन-पहिया वाहन नवीनीकरण योजना लागू करने की मांग भी की है।
CAQM ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ मोबिलिटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से केवल इलेक्ट्रिक L5 श्रेणी के तीन-पहिया वाहनों के पंजीकरण का आदेश दिया है।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों की हालिया रिपोर्ट में वाहन क्षेत्र को दिल्ली-एनसीआर में PM2.5 उत्सर्जन के प्रमुख स्रोतों में से एक बताया गया है। साथ ही दिसंबर 2025 में गठित विशेषज्ञ समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में तीन-पहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की सिफारिश की थी।
इसी आधार पर आयोग ने निम्नलिखित समयसीमा तय की है:
दिल्ली की नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति अभी अंतिम रूप में तैयार की जा रही है। इस नीति के एक प्रस्ताव में भी CAQM के आदेश जैसी व्यवस्था शामिल है। जिसके तहत अगले वर्ष जनवरी से इलेक्ट्रिक वाहनों को छोड़कर सभी तीन-पहिया वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने की बात कही गई है।
फाडा का कहना है कि यह आदेश सड़क पर चल रहे किसी भी पुराने तीन-पहिया वाहन को नहीं हटाएगा।
संगठन के मुताबिक:
फाडा का मानना है कि इससे नीति का मूल उद्देश्य ही उलट जाता है।
फाडा ने अपनी चिट्ठी में इस फैसलै के आर्थिक प्रभावों की ओर भी ध्यान दिलाया है।
संगठन के अनुसार:
सीएनजी तीन-पहिया वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने के बजाय फाडा ने पुराने वाहनों को तेजी से हटाने की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है।
संगठन ने प्रस्ताव रखा है कि:
फाडा का कहना है कि ऐसा करने से:
फाडा ने CAQM के निर्देशों को लागू करने में आने वाली चुनौतियों को रेखांकित किया है। अब यह देखना होगा कि दिल्ली सरकार की आगामी ईवी नीति में तीन-पहिया वाहनों से जुड़े प्रस्तावों में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।
उधर, पारंपरिक दो-पहिया वाहन निर्माताओं ने भी दिल्ली ईवी नीति के उस प्रस्ताव पर संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है। जिसमें 1 अप्रैल 2028 से इलेक्ट्रिक वाहनों को छोड़कर सभी दो-पहिया वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने की बात कही गई है।