भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। डीलरों की संस्था ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशनों का संघ (FADA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार फरवरी महीने में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में शानदार उछाल देखने को मिला।
इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में उछाल
फरवरी में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों (EV Cars) की रिटेल बिक्री 44 प्रतिशत बढ़कर 13,733 यूनिट हो गई। पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 9,505 यूनिट था। इस सेगमेंट में टाटा मोटर्स सबसे आगे रही। कंपनी ने फरवरी में 5,568 यूनिट ईवी कारों का रजिस्ट्रेशन किया, जो पिछले साल फरवरी की 4,020 यूनिट के मुकाबले करीब 38.5% ज्यादा है। दूसरे स्थान पर जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया रही, जिसने 3,312 यूनिट बेचीं। हालांकि कंपनी की बिक्री पिछले साल के 3,490 यूनिट के मुकाबले करीब 5% कम रही। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने शानदार बढ़त दर्ज की। फरवरी में कंपनी ने 2,913 यूनिट ईवी बेचीं, जबकि पिछले साल इसी महीने यह सिर्फ 508 यूनिट थी। इसके बाद विन फास्ट और बीवाईडी इंडिया का नंबर रहा, जिनके रजिस्ट्रेशन 384 और 306 यूनिट रहे।
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बिक्री रिपोर्ट एक नजर में
| कंपनी |
फरवरी 2026 सेल |
स्थिति |
| टीवीएस मोटर |
31,614 यूनिट |
67% की भारी बढ़त के साथ टॉप पर |
| बजाज ऑटो |
25,328 यूनिट |
दूसरे स्थान पर मजबूत पकड़ |
| एथर एनर्जी |
20,584 यूनिट |
लगातार बेहतर प्रदर्शन |
| ओला इलेक्ट्रिक |
3,968 यूनिट |
54% की भारी गिरावट (पिछले साल 8,675 थी) |
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट भी तेजी से बढ़ा
सिर्फ कार ही नहीं, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। फरवरी में इस सेगमेंट की बिक्री 46% बढ़कर 1,11,709 यूनिट तक पहुंच गई। पिछले साल फरवरी में यह 76,722 यूनिट थी। इस सेगमेंट में टीवीएस मोटर कंपनी ने सबसे ज्यादा बिक्री की। फरवरी में इसकी 31,614 यूनिट बिक्री हुई, पिछले साल 18,955 यूनिट हुई थी। यानी इसमें लगभग 67% की बढ़त हुई।
इसके बाद बजाज ऑटो की 25,328 यूनिट, एथर एनर्जी की 20,584 यूनिट, हीरो मोटोकॉर्प की 12,514 यूनिट और ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की 4,724 यूनिट बिक्री हुई। वहीं ओला इलेक्ट्रिक की बिक्री में गिरावट देखी गई। कंपनी ने फरवरी में 3,968 यूनिट बेचीं, जो पिछले साल फरवरी की 8,675 यूनिट के मुकाबले करीब 54 प्रतिशत कम है।
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क्यों बढ़ रही ईवी की मांग?
एक्सपर्ट्स के अनुसार भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं।
- पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें।
- सरकार की EV सब्सिडी और प्रोत्साहन योजनाएं।
- नई और लंबी रेंज वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियां।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार।
इसी कारण आने वाले समय में भारत का ईवी बाजार और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।