यह नई व्यवस्था कब से लागू है?
संशोधित टोल नियम 15 फरवरी से पूरे देश में लागू हो चुके हैं। जो भी वाहन चालक अब आंशिक रूप से खुले एक्सप्रेसवे का उपयोग करेंगे। उन्हें कम टोल दरें अपने आप लागू होती दिखेंगी।
टोल प्लाजा ऑपरेटर्स को एकरूपता बनाए रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
क्या यह रोज सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत है?
बिल्कुल। ऑफिस जाने वाले कम्यूटर, इंटरसिटी ड्राइवर और ट्रक ऑपरेटर, सभी के लिए टोल एक नियमित खर्च होता है।
अधूरी एक्सप्रेसवे पर टोल घटाकर सरकार ने यात्रियों के सीधे खर्च को कम किया है और टोल सिस्टम को ज्यादा न्यायसंगत बनाया है।
आने वाले समय में, जैसे-जैसे हाईवे नेटवर्क का विस्तार होगा, इस तरह की फ्लेक्सिबल टोल पॉलिसी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और यात्रियों की जेब- दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी।