दिल्ली सरकार ने कैब एग्रीगेटर्स और लास्ट-माइल डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए एक नीति का मसौदा तैयार किया है, जो 1 अप्रैल 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों पर पूरी तरह से शिफ्ट करने का आदेश देता है। ड्राफ्ट पॉलिसी के मुताबिक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (विद्युत गतिशीलता) में स्विच करने में नाकाम रहने पर कंपनी पर प्रति वाहन 50,000 रुपये का जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव है। 'दिल्ली मोटर व्हीकल एग्रीगेटर स्कीम' शीर्षक से, मसौदा नीति को परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, जिसमें सरकार अगले तीन हफ्तों तक इस योजना पर प्रतिक्रिया आमंत्रित कर रही है।
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धीरे-धीरे करना होगा स्विच
नीति में अनिवार्य किया गया है कि कैब एग्रीगेटर्स से जुड़े नए तिपहिया वाहनों में से 10 प्रतिशत नीति की अधिसूचना के पहले छह महीनों के भीतर इलेक्ट्रिक वाहन में बदल दिए जाने चाहिए। साथ ही, योजना अधिसूचना के चार वर्षों के भीतर ईवी को अपनाना 100 प्रतिशत होना चाहिए। चार पहिया वाहनों के लिए, नीति की अधिसूचना के छह महीने के भीतर कैब एग्रीगेटर्स द्वारा अधिग्रहित नए बेड़े का पांच प्रतिशत इलेक्ट्रिक होना चाहिए, जैसा कि नीति में अनिवार्य है। ईवी की हिस्सेदारी नौ महीने के भीतर 15 फीसदी, एक साल के आखिर तक 25 फीसदी, दो साल के आखिर तक 50 फीसदी, तीन साल के आखिर तक 75 फीसदी और चार साल के आखिर तक 100 फीसदी होनी चाहिए।
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खराब व्यवहार पर ड्राइवरों पर होगी कार्रवाई
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा, मसौदा नीति कैब एग्रीगेटर्स के लिए गलत ड्राइवरों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए दिशानिर्देश भी निर्धारित करती है। प्रस्तावित नीति में कहा गया है, "एग्रीगेटर को एक महीने की अवधि में उसके द्वारा की गई सवारी के लिए 15 प्रतिशत या उससे अधिक शिकायतों वाले ड्राइवर भागीदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की आवश्यकता होगी। इस तरह के डेटा को सर्विस देने की तारीख से कम से कम तीन महीने के लिए एग्रीगेटर द्वारा संग्रहीत / एकत्र किया जाएगा।"
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अधिकारी रखेंगे निगाह
इस नीति के तहत प्रस्ताव किया गया है कि एग्रीगेटर को एक वर्ष की अवधि में 3.5 से कम रेटिंग वाले ड्राइवरों के लिए मुद्दों को सुधारने के लिए उपचारात्मक प्रशिक्षण और सुधारात्मक उपाय करना चाहिए। इसमें कहा गया है कि "एग्रीगेटर को ड्राइवर रेटिंग और ड्राइवरों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों पर परिवहन विभाग, जीएनसीटीडी को त्रैमासिक रिपोर्ट देनी चाहिए, और ड्राइवर रेटिंग के संबंध में सभी रिकॉर्ड, और पंजीकृत शिकायत परिवहन विभाग / जीएनसीटीडी के अधिकृत अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के लिए उपलब्ध होगी।"