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EV Battery: 45°C पार पारे में दम तोड़ रही इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रेंज, क्यों इतनी जल्दी डाउन होती है बैटरी?

Sat, 30 May 2026 11:42 AM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

EV Battery Range Drop Summer India: देशभर में बढ़ती गर्मी का असर अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी पड़ने लगा है। 45°C के पार तापमान में ईवी की बैटरी तेजी से गर्म होती है, जिससे रेंज कम हो सकती है और चार्जिंग परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है। जानिए इसकी वजह और बैटरी को लंबे समय तक मेनटेन रखने के आसान उपाय।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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Electric Vehicle Care Tips 45 Degree Temperature: भारत के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरियों पर भी पड़ रहा है। कई वाहन मालिक शिकायत करते हैं कि गर्मियों में उनकी गाड़ी की रेंज कम हो जाती है, चार्जिंग धीमी हो जाती है और बैटरी ज्यादा गर्म होने लगती है। हालांकि, यह समस्या पूरी तरह असामान्य नहीं है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी हैं और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर इस असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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क्यों गर्मी में ज्यादा प्रभावित होती है ईवी बैटरी?

  • इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां एक निश्चित तापमान पर सबसे बेहतर प्रदर्शन करती हैं। जब बाहरी तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो बैटरी के अंदर भी गर्मी बढ़ने लगती है।
  • ऐसे में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) बैटरी को सुरक्षित तापमान पर रखने के लिए कूलिंग सिस्टम को सक्रिय कर देता है। बैटरी को ठंडा रखने की इस प्रक्रिया में ज्यादा ऊर्जा खर्च होती है, जिसका सीधा असर गाड़ी की ड्राइविंग रेंज पर पड़ता है।


गर्मियों में ईवी की रेंज क्यों कम हो जाती है?

  • इस गर्मी में ईवी की रेंज कई वजहों से कम हो सकती है। इसकी बड़ी वजह बैटरी को ठंडा रखने में होने वाली अतिरिक्त बिजली की खपत मानी जाती है। इसके अलावा एसी का लगातार इस्तेमाल भी बैटरी से ज्यादा ऊर्जा खींचता है। 
  • भीषण गर्मी में ईवी की रेंज कई वजहों से कम हो सकती है। इसका बड़ी वजह बैटरी को ठंडा रखने में होने वाली अतिरिक्त बिजली की खपत है। इसके अलावा एयर कंडीशनर (AC) का लगातार इस्तेमाल भी बैटरी से ज्यादा ऊर्जा खींचता है। 
  • अगर वाहन को तेज स्पीड पर चलाया जाए या बार-बार फास्ट चार्जिंग की जाए, तो बैटरी का तापमान और बढ़ जाता है, जिससे उसकी एफिशियंसी प्रभावित होती है। यही वजह है कि कई बार वाहन पहले के मुकाबले कम दूरी तय करता है। हालांकि यह किसी खराबी का संकेत नहीं, बल्कि गर्म मौसम का सामान्य प्रभाव होता है।

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क्या R-ange कम होना बैटरी खराब होने का संकेत है?

  • एक्सपर्ट्स के अनुसार, गर्मियों में कुछ प्रतिशत रेंज कम होना सामान्य बात है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि बैटरी खराब हो रही है।
  • बैटरी को सुरक्षित रखने के लिए वाहन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम अतिरिक्त ऊर्जा का उपयोग करते हैं, जिससे उपलब्ध ड्राइविंग रेंज थोड़ी कम दिखाई देती है। जैसे ही तापमान सामान्य होता है, बैटरी का प्रदर्शन भी सामान्य स्तर पर लौट आता है।


तेज गर्मी में बैटरी को कैसे रखें सुरक्षित?

  • ईवी मालिकों को कोशिश करनी चाहिए कि वाहन को हमेशा छायादार जगह पर पार्क करें। अगर ऐसा नहीं हो पा रहा है, तो हमेशा गाड़ी को कवर करके पार्किंग में खड़ा करें।
  • सीधी धूप में लंबे समय तक खड़ी गाड़ी की बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। जहां संभव हो, वाहन को ऐसे स्थान पर पार्क करें जहां पर्याप्त वेंटिलेशन हो।


क्या फास्ट चार्जिंग का ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है?

  • गर्मियों में लगातार फास्ट चार्जिंग करने से बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि जरूरत न होने पर सामान्य या Level-2 चार्जिंग का इस्तेमाल किया जाए।
  • इसके अलावा बैटरी को बार-बार 100 प्रतिशत तक चार्ज करने से भी बचना चाहिए। बैटरी को 20 प्रतिशत से 80 प्रतिशत के बीच रखना उसकी लंबी उम्र और बेहतर प्रदर्शन के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।


लंबी ड्राइव के तुरंत बाद चार्जिंग न करें
अगर आपने लंबी दूरी तय की है, तो वाहन को चार्जिंग पर लगाने से पहले कुछ समय के लिए ठंडा होने दें। गर्म बैटरी पर तुरंत चार्जिंग शुरू करने से उस पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और बैटरी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।

ड्राइविंग स्टाइल भी बढ़ाता है बैटरी की उम्र

  • स्मूद और नियंत्रित ड्राइविंग बैटरी की सेहत के लिए फायदेमंद होती है। बार-बार तेज एक्सेलरेशन, अचानक ब्रेकिंग और हाई स्पीड ड्राइविंग बैटरी पर अतिरिक्त लोड डालती है।
  • वहीं, सही टायर प्रेशर बनाए रखना और वाहन में अनावश्यक वजन कम रखना भी ऊर्जा दक्षता बढ़ाने में मदद करता है।


प्री-कंडीशनिंग फीचर का करें इस्तेमाल
कई आधुनिक ईवी मॉडल्स में प्री-कंडीशनिंग फीचर दिया जाता है, जो वाहन चलाने से पहले बैटरी और केबिन का तापमान नियंत्रित कर देता है। इससे बैटरी पर अचानक पड़ने वाला दबाव कम होता है और रेंज बेहतर बनी रहती है।

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