फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Stellantis: स्टेलेंटिस को ईवी रणनीति पर दोबारा सोचने की जरूरत क्यों पड़ी? अन्य कंपनीयों का क्या है रुख?

Fri, 27 Feb 2026 05:34 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिका की बड़ी ऑटो कंपनियों फोर्ड और जनरल मोटर्स ने भी हाल ही में ईवी पर रोक लगाते हुए कई अरब डॉलर के नुकसान की घोषणा की है।
विज्ञापन
Electric Vehicles - फोटो : Freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Jeep (जीप) और Fiat (फिएट) जैसे ब्रांड्स की मूल कंपनी Stellantis (स्टेलेंटिस) ने बीते साल भारी वित्तीय नुकसान दर्ज किया है। कंपनी ने बताया कि उसे पिछले वर्ष करीब 22.3 अरब यूरो का शुद्ध घाटा हुआ, जिसकी बड़ी वजह इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की अपेक्षा से कहीं कम मांग रही।

विज्ञापन


क्या इलेक्ट्रिक वाहनों की धीमी मांग मुख्य कारण है?
कंपनी के अनुसार, ईवी की बिक्री अनुमान से काफी नीचे रही, जिससे उसे अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ा। इसी महीने की शुरुआत में स्टेलेंटिस ने संकेत दिया था कि वह ईवी पर निर्भरता कम कर पारंपरिक इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) की ओर आंशिक वापसी के लिए बड़े स्तर पर खर्च करेगी।

Trending Videos

क्या यह रुझान सिर्फ Stellantis तक सीमित है?
नहीं। अमेरिका की बड़ी ऑटो कंपनियां Ford (फोर्ड) और General Motors (जनरल मोटर्स) भी हाल ही में ईवी कारोबार से जुड़े अरबों डॉलर के नुकसान की घोषणा कर चुकी हैं। ईवी सेक्टर में यह दबाव तब और बढ़ा जब अमेरिका में सरकारी सब्सिडी को वापस लिया गया। इसके साथ ही अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भी उत्सर्जन लक्ष्यों में कुछ नरमी दिखाई है।

कंपनी के नेतृत्व में क्या बदलाव हुआ है?
स्टेलेंटिस को यह घाटा ऐसे समय में झेलना पड़ा है, जब कंपनी के शीर्ष नेतृत्व में भी उथल-पुथल रही। प्रीमियम प्राइसिंग रणनीति को लेकर मतभेदों के बाद सीईओ कार्लोस टेवारेस को हटाया गया। उनकी जगह जुलाई में एंटोनियो फिलोसा को जिम्मेदारी सौंपी गई। जिन्होंने आते ही मैनेजमेंट में बदलाव शुरू किए और मुनाफे की वापसी का भरोसा दिलाया।

घाटे के बावजूद बिक्री और रेवेन्यू का क्या हाल रहा?
दिलचस्प बात यह रही कि कंपनी की कुल आमदनी में केवल हल्की गिरावट दर्ज हुई और वाहन बिक्री में मामूली बढ़ोतरी भी हुई। हालांकि ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी को नुकसान झेलना पड़ा और शेयरधारकों को कोई डिविडेंड नहीं दिया जाएगा।

नई रणनीति में ग्राहकों को क्या विकल्प मिलेंगे?
एंटोनियो फिलोसा के मुताबिक, कंपनी ने ऊर्जा परिवर्तन की रफ्तार का आकलन गलत किया था। अब स्टेलेंटिस अपनी रणनीति को इस तरह रीसेट कर रही है, जिसमें ग्राहकों को इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और पारंपरिक इंजन- तीनों विकल्प दिए जाएंगे। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं की पसंद को केंद्र में रखना अब सबसे जरूरी है।

भविष्य में किन मॉडलों पर रहेगा फोकस?
कंपनी को उम्मीद है कि नए मॉडलों की लॉन्चिंग से मुनाफे की राह खुलेगी। खासकर अमेरिका में कंबशन इंजन वाले पिकअप ट्रक्स के जरिए। हाल के महीनों में अमेरिकी बाजार में बिक्री में सुधार भी देखने को मिला है।

बैटरी और गीगाफैक्ट्री योजनाओं का क्या हुआ?
स्टेलेंटिस ने संकेत दिए हैं कि वह बैटरी निर्माण से जुड़ी कुछ साझेदारियों से बाहर निकल रही है। कंपनी ने कनाडा की बैटरी परियोजना में अपनी हिस्सेदारी बेची है और अमेरिका में प्रस्तावित गीगाफैक्ट्री योजनाओं पर भी पुनर्विचार कर रही है।

विज्ञापन

क्या Stellantis ने EV से पूरी तरह किनारा कर लिया है?
कंपनी का कहना है कि यह बदलाव ईवी से पूरी तरह पीछे हटने का संकेत नहीं है। स्टेलेंटिस का दावा है कि वह अब भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रति प्रतिबद्ध है। लेकिन मौजूदा हालात में वह अधिक संतुलित और व्यावहारिक रणनीति अपनाना चाहती है। ताकि घाटे से उबरकर फिर से मुनाफे की राह पर लौटा जा सके। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें