फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

EV Car Buying : क्या आप भी इलेक्ट्रिक कार खरीदने का सोच रहे हैं? तो शोरूम जाने से पहले जान लें ये बड़ी बातें

Thu, 19 Mar 2026 03:12 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

EV Buying Guide India: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन क्या एक ईवी आपके लाइफस्टाइल और बजट के लिए सही है? चार्जिंग की झंझट से लेकर बैटरी की लाइफ और असली माइलेज तक, इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? पढ़िए इस रिपोर्ट में...
 
विज्ञापन
EV Car - फोटो : EV Car Manufacturing
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत की सड़कों पर अब इलेक्ट्रिक कारें लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत बनती जा रही हैं, लेकिन ईवी खरीदना सिर्फ एक इंजन से मोटर पर स्विच करना नहीं है, बल्कि यह आपकी ड्राइविंग आदतों को बदलने जैसा है।
विज्ञापन


अपनी डेली रनिंग का हिसाब लगाएं
ईवी उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है जिनका रूट तय है। अगर आपका रोजाना का सफर (ऑफिस या बाजार) 50-70 किमी है, तो ईवी आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। लेकिन अगर आप अक्सर लंबी दूरी की यात्रा करते हैं, तो आपको रेंज एंग्जायटी हो सकती है।

कागजी रेंज और असली रेंज में अंतर
कंपनियां जो ARAI-प्रमाणित रेंज जैसे 450 किमी की बताती हैं, जो वो एक आदर्श परिस्थितियों में होती है। जबकि हकीकत कुछ और होती है, जैसे दिल्ली की गर्मी, भारी ट्रैफिक और फुल एसी चलाने पर यह रेंज 20 से 30 प्रतिशत कम हो सकती है। इसलिए आजकल एक्सपर्ट्स ऐसी कार चुनने की सलाह देते हैं जिसकी वास्तविक रेंज कम से कम 350-400 किमी हो।
विज्ञापन


ये भी पढ़े: Delhi EV Policy: पुरानी गाड़ी कबाड़ में दें और नई ईवी पर पाएं एक लाख की छूट, जानें दिल्ली सरकार का मास्टरप्लान

चार्जिंग: घर बनाम पब्लिक स्टेशन
ईवी की होम चार्जिंग बेहतर मानी जाती है। एक्सपर्ट भी यही सलाह है, क्योंकि अगर आप पब्लिक या पुरानी हाउसिंग सोसाइटी में रहते हैं, तो चार्जर इंस्टॉल करने की अनुमति लेना सबसे बड़ी बाधा हो सकती है। जो कभी-कभी चुनौतीपूर्ण होता है। वहीं, घर पर चार्जिंग छह से दस प्रति यूनिट पड़ती है, जबकि बाहर फास्ट चार्जर पर यह 12-25 रुपये तक जा सकती है। यानी बाहर चार्ज करना 3 गुना महंगा पड़ सकता है।



रनिंग कॉस्ट सबसे बड़ी ताकत
ईवी की सबसे बड़ी ताकत उसकी बचत है। पेट्रोल कार की बात करें तो ये छह से आठ प्रति किमी चलती है। वहीं, इलेक्ट्रिक कार 0.50 से 1.50 प्रति किमी चलती है। यानी अगर आप साल 12,000-15,000 किमी से ज्यादा गाड़ी चलाते हैं, तो ईवी की बढ़ी हुई शुरुआती कीमत अगले 3-4 साल में वसूल हो जाएगी।

मेंटेनेंस और रीसेल वैल्यू
मेंटेनेंस ईवी की सबसे बड़ी जरूर होती है, इसे न कराने पर नतीजा जानलेवा हाे सकता है। ईवी में मूविंग पार्ट्स (इंजन, गियरबॉक्स) कम होते हैं, इसलिए इनका मेंटेनेंस खर्च बहुत कम होता है। हालांकि, बैटरी की लाइफ और 8-10 साल बाद उसकी रीसेल वैल्यू अभी भी एक चर्चा का विषय है। इसलिए भारत के गर्म मौसम में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) का अच्छा होना बहुत जरूरी है।
विज्ञापन


इन सबके अलावा इलेक्ट्रिक कार खरीदते समय हमेशा रीजेनरेटिव ब्रेकिंग फीचर को समझें। यह तकनीक ब्रेक लगाने पर पैदा होने वाली ऊर्जा को वापस बैटरी में भेजती है, जिससे भारी ट्रैफिक में आपकी रेंज बढ़ जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें