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Tesla Autopilot: एंट्री-लेवल टेस्ला ईवी खरीदने वाले सावधान! अब ऑटोपायलट के लिए अलग से देने होंगे पैसे

Sat, 31 Jan 2026 07:58 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टेस्ला ने अमेरिका में अपनी एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों से स्टैंडर्ड ऑटोपायलट फीचर हटा दिया है। जो इस बात में एक बड़ा बदलाव है कि कंपनी अपनी ड्राइवर असिस्टेंस टेक्नोलॉजी को कैसे पैकेज करती है।
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Tesla Model Y Performance - फोटो : Tesla
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विस्तार
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इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता Tesla (टेस्ला) ने अमेरिका में अपनी एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कारों से स्टैंडर्ड Autopilot (ऑटोपायलट) फीचर हटाने का फैसला किया है। यह बदलाव कंपनी की ड्राइवर-असिस्टेंस टेक्नोलॉजी को पैकेज करने के तरीके में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। अब तक टेस्ला की सभी कारों में ऑटोपायलट, जिसमें एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल और लेन-कीपिंग असिस्ट जैसे फीचर शामिल थे, स्टैंडर्ड तौर पर मिलते थे। नए फैसले के बाद ये फीचर्स सिर्फ पेड Full Self-Driving (FSD) (एफएसडी) पैकेज या सब्सक्रिप्शन के जरिए ही उपलब्ध होंगी।
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यह कदम न सिर्फ कीमत और फीचर एक्सेस को प्रभावित करता है, बल्कि टेस्ला की दीर्घकालिक ऑटोनॉमस ड्राइविंग रणनीति पर भी सवाल खड़े करता है।

 

क्या बदला है अब
पहले टेस्ला की बेस कारों में भी ऑटोपायलट एक्टिव रहता था, जिससे ड्राइवर को लेन सेंट्रिंग, ब्रेकिंग असिस्ट और सीमित ऑटोमैटिक स्टीयरिंग जैसी सुविधाएं मिलती थीं। अब एंट्री-लेवल मॉडल्स में ये फीचर डिफॉल्ट रूप से एक्टिव नहीं होंगे।

ग्राहकों को या तो एफएसडी पैकेज खरीदना होगा या फिर मासिक सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा। यानी कार की शुरुआती कीमत भले कम हो जाए, लेकिन जरूरी ड्राइवर-असिस्ट फीचर्स के लिए अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

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ग्राहकों पर सीधा असर
इस फैसले से उन खरीदारों पर सीधा असर पड़ेगा, जो किफायती टेस्ला मॉडल लेना चाहते हैं।
  • अपफ्रंट कीमत कम, लेकिन फीचर कम
  • ड्राइवर-असिस्टेंस चाहिए तो लंबे समय में खर्च ज्यादा
जो ग्राहक पहले बेस मॉडल में भी ऑटोपायलट की उम्मीद करते थे, उन्हें अब कुल ओनरशिप कॉस्ट दोबारा कैलकुलेट करनी होगी। खासतौर पर वे ग्राहक प्रभावित होंगे, जो टेस्ला की तुलना दूसरी कंपनियों से करते हैं, जहां कई ब्रांड अब भी बेस वेरिएंट में एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्ट सिस्टम दे रहे हैं।

 

Tesla की रणनीति क्या है
विशेषज्ञों के मुताबिक, टेस्ला का यह कदम अपने एफएसडी सॉफ्टवेयर को ज्यादा से ज्यादा अपनाने के लिए प्रेरित करने की रणनीति का हिस्सा है।
ऑटोपायलट को स्टैंडर्ड से हटाकर कंपनी ग्राहकों को एफएसडी की ओर धकेल रही है, जो Tesla के लिए एक बड़ा रेवेन्यू सोर्स बन चुका है।
इसके अलावा, इससे फीचर स्ट्रक्चर भी सरल हो जाता है। अब ऑटोनॉमी से जुड़े सभी फीचर एक ही पेड प्लेटफॉर्म के तहत आते हैं।

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सेल्फ-ड्राइविंग रोडमैप पर असर
नाम भले ही एफएसडी हो, लेकिन टेस्ला की तकनीक अभी भी ड्राइवर सुपरविजन मांगती है और पूरी तरह हैंड्स-फ्री ड्राइविंग नहीं देती।
स्टैंडर्ड ऑटोपायलट हटाने से एंट्री-लेवल खरीदारों को सेमी-ऑटोनॉमस फीचर्स का अनुभव कम मिलेगा। हालांकि, इससे टेस्ला को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और रेगुलेटरी फोकस एक ही सिस्टम पर केंद्रित करने में मदद मिल सकती है।

इंडस्ट्री और रेगुलेटरी नजरिया
जहां ज्यादातर ऑटो निर्माता सुरक्षा कारणों से ड्राइवर-असिस्ट सिस्टम को स्टैंडर्ड बना रहे हैं, वहीं टेस्ला का यह फैसला उसे बाकी इंडस्ट्री से अलग खड़ा करता है।
रेगुलेटरी एजेंसियां पहले से ही टेस्ला की ऑटोनॉमी टेक्नोलॉजी पर नजर रखे हुए हैं, खासकर सिस्टम के गलत इस्तेमाल और मार्केटिंग दावों को लेकर।


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आगे क्या संकेत मिलते हैं
एंट्री-लेवल ईवी से ऑटोपायलट हटाना टेस्ला के लिए एक साफ संदेश देता है। कंपनी हार्डवेयर से ज्यादा सॉफ्टवेयर और सब्सक्रिप्शन मॉडल पर दांव लगा रही है।
यह फैसला जहां टेस्ला की कमाई की रणनीति को मजबूत करता है, वहीं ड्राइवरों के लिए "बेसिक सेफ्टी फीचर" की परिभाषा भी बदल देता है। आने वाले समय में यह तय करेगा कि सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी आम ग्राहकों तक कितनी आसानी से पहुंच पाती है। 

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