पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही अब बड़ी संख्या में लोग अपने ई-स्कूटर को घर या हाउसिंग सोसाइटी में चार्ज कर रहे हैं। अगर आप भी अपने ई-स्कूटर को घर पर चार्ज करते हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण है।
पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों और पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बीच भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। हालांकि ई-स्कूटरों के प्रति ग्राहकों का भरोसा तो बढ़ा है, लेकिन उन्हें चार्ज करने की प्रक्रिया को लेकर अब भी काफी असमंजस बना हुआ है। इसका एक बड़ा कारण चार्जिंग के दौरान गाड़ियों में आग लगने की घटनाएं हैं।
अक्सर ऐसी घटनाएं सुर्खियों में रही हैं, जहां चार्जिंग पर लगी एक इलेक्ट्रिक व्हीकल में अचानक आग लग गई। इस तरह की घटनाओं ने आवासीय सोसाइटियों और घरों में ईवी चार्जिंग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर आप भी अपने ई-स्कूटर को घर पर या अपनी हाउसिंग सोसाइटी में चार्ज करते हैं। तो कुछ बेहद जरूरी सावधानियों और नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
ईवी और चार्जिंग इंडस्ट्री के विशेषज्ञों की सलाह है कि वाहन खरीदने से पहले ग्राहकों को पूरी और सही जानकारी जुटा लेनी चाहिए:
डीलर से सही सेटअप की जानकारी लें:
दुर्घटनाओं से बचने के लिए ग्राहकों को वाहन खरीदते समय ही डीलर से यह स्पष्ट रूप से समझ लेना चाहिए कि घर पर चार्जिंग के लिए कौन से उपकरण और किस तरह के सेटअप की आवश्यकता होगी।
घर का बिजली लोड जांचें:
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपके घर का बिजली कनेक्शन ईवी चार्ज करने के लिए आवश्यक लोड उठाने में सक्षम है या नहीं। कम लोड वाले कनेक्शन पर ईवी चार्ज करने से बिजली के तारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
सुरक्षित चार्जिंग प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण नियम बताए हैं:
कुशल तकनीशियन से ही करवाएं इंस्टॉलेशन:
घर में चार्जर का सेट-अप हमेशा प्रशिक्षित तकनीशियनों से ही इंस्टॉल करवाना चाहिए।
समर्पित सर्किट का उपयोग:
ईवी चार्जर को हमेशा एक डेडिकेटेड इलेक्ट्रिकल सर्किट से ही जोड़ा जाना चाहिए।
एक्सटेंशन कॉर्ड और जुगाड़ू वायरिंग से बचें:
ई-वाहन को चार्ज करने के लिए कभी भी एक्सटेंशन कॉर्ड या अस्थाई/जुगाड़ू वायरिंग कनेक्शन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
एडाप्टर का प्रयोग न करें:
ऐसे चार्जरों के लिए एडाप्टर के इस्तेमाल से पूरी तरह बचना चाहिए।
सही सेटअप की कमी एक बड़ी वजह:
देश में केवल 55 प्रतिशत ईवी मालिकों के पास ही सही और सुरक्षित चार्जिंग सेटअप उपलब्ध है। यही वजह है कि चार्जिंग के दौरान दुर्घटनाओं से जुड़ी घटनाएं बार-बार सामने आती हैं।
हादसों से बचाव के लिए चार्जिंग क्षेत्र में सही उपकरणों का होना बेहद जरूरी है:
MCB और RCCB की स्थापना:
विशेषज्ञों के अनुसार, ईवी चार्जिंग सेटअप के लिए मिनिएचर सर्किट ब्रेकर (MCB) और रेजिड्यूअल करंट सर्किट ब्रेकर (RCCB) का लगा होना अनिवार्य है।
अर्थिंग की व्यवस्था:
चार्जिंग कनेक्शन के लिए सही अर्थिंग बेहद जरूरी है। साथ ही, चार्जिंग प्वाइंट ऐसी जगह पर स्थापित होना चाहिए जहां नमी न हो और पानी जमा होने का कोई जोखिम न हो।
कंपनी का ओरिजिनल चार्जर ही चुनें:
सबसे जरूरी बात यह है कि वाहन मालिकों को हमेशा कंपनी द्वारा दिए गए आधिकारिक चार्जर का ही उपयोग करना चाहिए।
खराबी दिखने पर तुरंत संपर्क करें:
अगर चार्जिंग के दौरान जलने की गंध आए, केबल में कोई खराबी दिखे या वायरिंग से जुड़ी कोई समस्या नजर आए, तो तुरंत चार्जिंग बंद करें और तकनीशियन या संबंधित कंपनी से संपर्क करें।