सरला एविएशन ने बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (BIAL) के साथ सहयोग के एक बयान पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मकसद इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) विमानों की मदद से एयर मोबिलिटी (हवाई गतिशीलता) का इस्तेमाल करना है। इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सियां न सिर्फ यात्रियों के लिए यात्रा के समय को कम करने में मदद करेंगी। बल्कि कर्नाटक की राजधानी में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में भी मदद करेंगी।
सरला एविएशन सिर्फ बंगलूरू तक ही सीमित नहीं रहेगी। कंपनी जल्द ही मुंबई, दिल्ली और पुणे जैसे अन्य भीड़भाड़ वाले शहरों में भी इसी तरह के ऑपरेशन शुरू करने की योजना बना रही है। सरला एविएशन के सह-संस्थापक और सीईओ श्मिट ने कहा, "हमारा लक्ष्य परिचालन दक्षता, कम कार्बन उत्सर्जन और स्केलेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ शहरी हवाई परिवहन को फिर से परिभाषित करना है। हमारी इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सियां विश्वसनीयता और प्रदर्शन में नए मानक स्थापित करेंगी। जो टिकाऊ विमानन के लिए वैश्विक मानकों के अनुरूप होंगी।"
बंगलूरू में परिचालन शुरू होने में अभी भी तीन साल लग सकते हैं। कंपनी अभी भी इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सियों का व्यावसायिक संचालन शुरू करने के लिए विनियामक मंजूरी का इंतजार कर रही है। सरला एविएशन ने वादा किया है कि उसकी सर्विस बंगलूरू में पहले दी जाने वाली पारंपरिक हेलीकॉप्टर सेवाओं की तुलना में ज्यादा लागत प्रभावी होगी।
सबसे धीमी ट्रैफिक वाले शहरों में दूसरे नंबर पर
बंगलूरू में यात्रियों को अक्सर अपने गंतव्य तक समय पर पहुंचने में कठिनाई होती है, क्योंकि यहां की सड़कें भीड़भाड़ वाली होती हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में भारी बारिश ने शहर की यातायात समस्याओं को फिर से उजागर कर दिया और कई जगहों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। जियोलोकेशन टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ टॉमटॉम द्वारा हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण में बंगलूरू को दुनिया भर के उन शहरों में दूसरे स्थान पर रखा गया है, जहां ट्रैफिक की रफ्तार सबसे धीमी है। सर्वेक्षण में पाया गया कि भीड़भाड़ वाले समय में बंगलूरू में 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में औसतन लगभग आधे घंटे का समय लगता है।