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Export: वित्त वर्ष 2025 में भारतीय ऑटोमोबाइल का निर्यात 53 लाख के पार, आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 रिपोर्ट पेश

Fri, 30 Jan 2026 10:24 AM IST
सुयश पांडेय टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Economic Survey 2026: आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने वित्त वर्ष 2025 में 53 लाख से अधिक वाहनों का निर्यात कर इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि भारत की वैश्विक ऑटो मार्केट में मजबूत होती स्थिति और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरती निर्माण क्षमता को दर्शाती है। महामारी के बाद सेक्टर ने तेजी से वापसी की है और FY26 की पहली छमाही में भी निर्यात में दो अंकों की वृद्धि जारी है।

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Vehicle Exports - फोटो : X
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विस्तार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट से ठीक पहले बुधवार को संसद के पटल पर 'आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26'  रखा। इस आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने वित्त वर्ष 2025 में 53 लाख से ज्यादा वाहनों का निर्यात कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह आंकड़ा न केवल भारतीय वाहनों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि भारत अब केवल एक कम लागत वाला विनिर्माण केंद्र नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने वाला एक भरोसेमंद निर्यातक बन चुका है। संसद में 29 जनवरी 2026 को पेश की गई यह रिपोर्ट बताती है कि महामारी के बाद इस क्षेत्र ने शानदार वापसी की है और वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में भी निर्यात में दो अंकों की वृद्धि जारी है।

एक दशक में 33% बढ़ी उत्पादन क्षमता

पिछले एक दशक (FY15 से FY25) पर नजर डालें तो भारत के कुल वाहन उत्पादन में लगभग 33 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मांग में इस सुधार ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजारों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया है। आज भारत दोपहिया और तिपहिया वाहनों के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है, जबकि पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों के उत्पादन में यह विश्व स्तर पर तीसरे स्थान पर काबिज है।

अर्थव्यवस्था और रोजगार की रीढ़

आर्थिक दृष्टि से भी यह सेक्टर देश की रीढ़ साबित हो रहा है। यह उद्योग 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है और भारत के कुल GST संग्रह में लगभग 15 प्रतिशत का योगदान देता है। फैक्ट्रियों से लेकर वर्कशॉप तक, यह पूरा ईकोसिस्टम देश की आर्थिक प्रगति को गति दे रहा है।

इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर सरकार का जोर

भविष्य की ओर कदम बढ़ाते हुए, सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे PLI स्कीम (ऑटो और बैटरी स्टोरेज के लिए), पीएम ई-ड्राइव और पीएम ई-बस सेवा ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। मार्च 2024 में अधिसूचित इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार निर्माण प्रोत्साहन योजना के साथ मिलकर ये पहलें अब भारत में ही बैटरी और ईवी के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दे रही हैं, जिसका असर आज भारतीय सड़कों पर दौड़ती इलेक्ट्रिक कारों और बसों के रूप में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
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