10 साल में उत्पादन में करीब 33% की बढ़ोतरी
सर्वे बताता है कि FY15 से FY25 के बीच भारत का कुल वाहन उत्पादन लगभग 33 प्रतिशत बढ़ा है।
कोविड के बाद मांग में आई तेज रिकवरी ने इस ग्रोथ को मजबूती दी। जैसे-जैसे लोग फिर से ऑफिस, यात्रा और रोजमर्रा की आवाजाही में लौटे, वाहनों की बिक्री बढ़ी और उसके साथ उत्पादन भी।
आज भारत की स्थिति इस तरह है-
- दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर बाजार
- दुनिया का सबसे बड़ा थ्री-व्हीलर बाजार
- पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल्स में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार
यह पैमाना ऑटो कंपनियों को नए प्लेटफॉर्म, इंजन और इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी में निवेश का भरोसा देता है।
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3 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहा ऑटो सेक्टर
- इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, ऑटोमोबाइल सेक्टर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देता है।
- इसके अलावा, यह सेक्टर देश के कुल जीएसटी कलेक्शन में करीब 15 प्रतिशत का योगदान करता है।
यानी फैक्ट्री से लेकर डीलरशिप, सर्विस सेंटर और ऑटो पार्ट्स सप्लायर तक, यह उद्योग एक बड़े आर्थिक तंत्र को सहारा देता है।
सरकारी योजनाओं से EV को मिला बड़ा सहारा
सर्वे में उन सरकारी योजनाओं का भी जिक्र किया गया है, जिनसे इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा मिला है। इनमें शामिल हैं-
- ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए PLI स्कीम
- एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) बैटरी स्टोरेज के लिए PLI स्कीम
- पीएम ई-ड्राइव योजना
- पीएम ई-बस सेवा पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म
- मार्च 2024 में अधिसूचित इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम
इन योजनाओं ने कंपनियों को ईवी और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को देश में ही लोकलाइज करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
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सड़कों पर दिख रहा EV ग्रोथ का असर
नीतियों का असर अब सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। इलेक्ट्रिक स्कूटर, कारें और बसें तेजी से शहरी ट्रैफिक का हिस्सा बन रही हैं। इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, आने वाले वर्षों में भारत का ऑटो सेक्टर निर्यात, रोजगार और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, तीनों मोर्चों पर और मजबूत होने की स्थिति में है।
क्या बताती है तस्वीर
53 लाख यूनिट का निर्यात आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि भारत के ऑटो उद्योग की बदलती वैश्विक पहचान का संकेत है। इकोनॉमिक सर्वे यह साफ करता है कि भारत अब केवल घरेलू जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि दुनिया के लिए वाहन बनाने वाला एक प्रमुख देश बन चुका है।