E10 पेट्रोल को प्रीमियम श्रेणी में वापस लाने की जरूरत क्यों महसूस हुई?
देशभर के पेट्रोल पंपों पर अब मानक रूप से E20 पेट्रोल की ही बिक्री हो रही है। जिससे पुरानी गाड़ियों के इंजन और माइलेज को लेकर वाहन मालिकों और उपभोक्ता संगठनों में चिंताएं बनी हुई हैं:
- माइलेज में गिरावट: इथेनॉल की ऊर्जा घनत्व शुद्ध पेट्रोल से कम होती है। सरकार के अनुसार, E10 के लिए बनी गाड़ियों में E20 डालने पर माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक की मामूली गिरावट आ सकती है।
- अप्रैल 2023 से पहले की गाड़ियां: अप्रैल 2023 से पहले बेचे गए वाहन मुख्य रूप से E10 पेट्रोल के लिए ही प्रमाणित थे।
- मुख्य आर्थिक सलाहकार का रुख: हाल ही में देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भी पुरानी गाड़ियों के मालिकों की सुरक्षा के लिए E20 के साथ-साथ E10 विकल्प को भी पंपों पर उपलब्ध कराने की वकालत की थी।
प्रीमियम ईंधन ब्रांड्स (XP95, SPEED, Power95) को ही माध्यम क्यों बनाया जा रहा है?
पेट्रोलियम मंत्रालय इससे पहले E10 और E20 के लिए अलग-अलग सप्लाई चैन बनाने से मना कर चुका है। क्योंकि अलग से टैंक और वितरण प्रणाली स्थापित करने से बड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियां और भारी लागत आती। ऐसे में प्रीमियम पेट्रोल को E10 बनाना एक आसान रास्ता माना जा रहा है:
- मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग: फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के अनुसार, 95-ऑक्टेन वाले प्रीमियम ईंधन में 10% इथेनॉल देना बेहद आसान है। क्योंकि इसके लिए पंपों पर अलग से टैंक या नोजल बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।
- प्रीमियम पेट्रोल की बढ़ती मांग: E20 की चिंताओं के चलते मार्च में तेल विपणन कंपनियों की कुल पेट्रोल बिक्री में प्रीमियम पेट्रोल की हिस्सेदारी जो 4% थी, वह बढ़कर 15% हो गई है।
- उपलब्धता और कीमत: यह प्रीमियम पेट्रोल देश के लगभग 90,000 सरकारी पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध है और दिल्ली में इसकी कीमत करीब 110-115 रुपये प्रति लीटर है। जबकि सामान्य पेट्रोल 102 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिकता है।
भारत का एथनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम कहां से शुरू हुआ था?
भारत का एथनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम वर्ष 2001 में एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू हुआ था और इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से विस्तार दिया गया।
2013-14 में पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण करीब 1.53 प्रतिशत था, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए अब E20 स्तर तक पहुंच चुका है।
अब देखना होगा कि सरकार पुराने वाहनों के लिए E10 को प्रीमियम पेट्रोल के रूप में उपलब्ध कराने के इस विकल्प को आगे बढ़ाती है या उपभोक्ताओं के लिए किसी अन्य व्यवस्था पर फैसला करती है।