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ई10 पेट्रोल: क्या देश में फिर से वापसी करने जा रहा है 10% इथेनॉल वाला ई10 पेट्रोल? रास्ता तलाश रही सरकार

Thu, 27 Aug 2026 01:10 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में E20 पेट्रोल को लेकर पुराने वाहनों के मालिकों की बढ़ती चिंताओं के बीच सरकार अब E10 पेट्रोल को दोबारा उपलब्ध कराने के संभावित विकल्पों पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार मौजूदा प्रीमियम पेट्रोल ब्रांडों के जरिए 10 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण वाला पेट्रोल उपलब्ध कराने की संभावना तलाश रही है।
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E10 Petrol - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारत सरकार देश के उन वाहन मालिकों की चिंताओं को दूर करने के लिए एक नई योजना पर विचार कर रही है, जिनकी गाड़ियां पुरानी हैं और E20 (20% इथेनॉल मिलाया गया पेट्रोल) ईंधन के अनुकूल नहीं हैं। एक मीडिया रिपोर्ट रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोलियम मंत्रालय देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के साथ चर्चा कर रहा है कि क्या XP95, SPEED और Power95 जैसे प्रीमियम 95-ऑक्टेन पेट्रोल ब्रांड्स को E10 (10% इथेनॉल मिश्रण) के रूप में बेचा जा सकता है।
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फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि, इस विचार का मुख्य उद्देश्य बिना नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए पुरानी गाड़ियों के मालिकों को कम इथेनॉल वाला पेट्रोल विकल्प देना है।
 
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E10 पेट्रोल को प्रीमियम श्रेणी में वापस लाने की जरूरत क्यों महसूस हुई?

देशभर के पेट्रोल पंपों पर अब मानक रूप से E20 पेट्रोल की ही बिक्री हो रही है। जिससे पुरानी गाड़ियों के इंजन और माइलेज को लेकर वाहन मालिकों और उपभोक्ता संगठनों में चिंताएं बनी हुई हैं:
  • माइलेज में गिरावट: इथेनॉल की ऊर्जा घनत्व शुद्ध पेट्रोल से कम होती है। सरकार के अनुसार, E10 के लिए बनी गाड़ियों में E20 डालने पर माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक की मामूली गिरावट आ सकती है।
  • अप्रैल 2023 से पहले की गाड़ियां: अप्रैल 2023 से पहले बेचे गए वाहन मुख्य रूप से E10 पेट्रोल के लिए ही प्रमाणित थे।
  • मुख्य आर्थिक सलाहकार का रुख: हाल ही में देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भी पुरानी गाड़ियों के मालिकों की सुरक्षा के लिए E20 के साथ-साथ E10 विकल्प को भी पंपों पर उपलब्ध कराने की वकालत की थी।

पेट्रोल पंप - फोटो : संवाद

प्रीमियम ईंधन ब्रांड्स (XP95, SPEED, Power95) को ही माध्यम क्यों बनाया जा रहा है?

पेट्रोलियम मंत्रालय इससे पहले E10 और E20 के लिए अलग-अलग सप्लाई चैन बनाने से मना कर चुका है। क्योंकि अलग से टैंक और वितरण प्रणाली स्थापित करने से बड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियां और भारी लागत आती। ऐसे में प्रीमियम पेट्रोल को E10 बनाना एक आसान रास्ता माना जा रहा है:
  • मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग: फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पेट्रोलियम ट्रेडर्स के अनुसार, 95-ऑक्टेन वाले प्रीमियम ईंधन में 10% इथेनॉल देना बेहद आसान है। क्योंकि इसके लिए पंपों पर अलग से टैंक या नोजल बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • प्रीमियम पेट्रोल की बढ़ती मांग: E20 की चिंताओं के चलते मार्च में तेल विपणन कंपनियों की कुल पेट्रोल बिक्री में प्रीमियम पेट्रोल की हिस्सेदारी जो 4% थी, वह बढ़कर 15% हो गई है।
  • उपलब्धता और कीमत: यह प्रीमियम पेट्रोल देश के लगभग 90,000 सरकारी पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध है और दिल्ली में इसकी कीमत करीब 110-115 रुपये प्रति लीटर है। जबकि सामान्य पेट्रोल 102 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिकता है। 

यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो आम वाहन चालकों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो पुरानी गाड़ियों के चालकों को अपनी कार या बाइक के इंजन को सुरक्षित रखने और बेहतर माइलेज पाने के लिए E10 ईंधन तो मिल जाएगा। लेकिन इसके लिए उन्हें अधिक कीमत चुकानी होगी।
वहीं, उपभोक्ता संगठनों जैसे कंज्यूमर वॉयस का कहना है कि वाहन चालकों को उनकी गाड़ी के अनुसार सही ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। और इसे सभी पंपों पर स्पष्ट लेबलिंग के साथ व्यापक रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
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भारत का एथनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम कहां से शुरू हुआ था?

भारत का एथनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम वर्ष 2001 में एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू हुआ था और इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से विस्तार दिया गया।

2013-14 में पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण करीब 1.53 प्रतिशत था, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए अब E20 स्तर तक पहुंच चुका है।

अब देखना होगा कि सरकार पुराने वाहनों के लिए E10 को प्रीमियम पेट्रोल के रूप में उपलब्ध कराने के इस विकल्प को आगे बढ़ाती है या उपभोक्ताओं के लिए किसी अन्य व्यवस्था पर फैसला करती है।

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