नियमों में बदलाव का मकसद क्या है?
सरकार का मकसद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया को ज्यादा साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राज्य में रहने वाले स्थायी निवासियों को ही यहां के पते पर लाइसेंस जारी किया जाए। साथ ही परिवहन सेवाओं को सुव्यवस्थित करना, अवैध वाहनों पर अंकुश लगाना और राज्य के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करना है।
क्या होगी मूल निवास प्राप्त करने की पात्रता?
निवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को कम से कम 15 वर्षों तक महाराष्ट्र में रहना आवश्यक है, या उसका विवाह राज्य के किसी निवासी से हुआ हो तभी वह मूल निवास का पात्र होगा।
कानून और न्याय विभाग से मंजूरी का इंतजार
परिवहन मंत्री ने बताया कि इस नए नियम का प्रस्ताव कानून और न्याय विभाग के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। जैसे ही विभाग से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलेगी, इसे 1 अगस्त से पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।
बाइक टैक्सी को लेकर भी आया बड़ा अपडेट
विधानसभा में विधायक दिलीप लांडे के जरिए पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए, मंत्री ने महाराष्ट्र में चल रही बाइक टैक्सी सर्विस पर भी स्थिति साफ की:
- अवैध सर्विस पर एक्शन: फिलहाल जो बाइक टैक्सी बिना किसी नियम और परमिट के अवैध रूप से चल रही हैं, उन पर सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।
- कानूनी दायरे में लाने की तैयारी: हालांकि, सरकार इन सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं करना चाहती। इसके बजाय, इन्हें कानूनी दायरे में लाकर रेगुलेट करने के लिए एक नया ढांचा तैयार किया जा रहा है।
- क्या होगा फायदा: इस कदम से राज्य सरकार को राजस्व का फायदा होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
निवास प्रमाण पत्र कैसे प्राप्त करें?
आप अपना निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन माध्यम से आपले सरकार पोर्टल पर जाकर या अपने नजदीकी तहसीलदार/कलेक्टर कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन करके बनवा सकते हैं। इसके लिए सामान्य आवेदन शुल्क लगभग ₹50 होता है और यह प्रक्रिया करीब 15 दिनों में पूरी हो जाती है।
लाइसेंस बनवाने के लिए क्या है प्रक्रिया?
अगर आपको अपना लाइसेंस रिन्यू या अपडेट करना है, तो आप आधिकारिक परिवहन सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए फॉर्म 2 और मेडिकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है।