इटली में पूरी तरह से स्वायत्त कारों के बीच यूरोप की पहली मल्टी-कार रेस आयोजित की गई। अबू धाबी ऑटोनॉमस रेसिंग लीग (A2RL) की पांच टीमों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसमें खास बात रही कि इन रेसिंग कारों में न तो स्टीयरिंग व्हील था, न पैडल और न ही कोई ड्राइवर। इसके बावजूद कारों ने एतिहासिक रेस ट्रैक पर तेज रफ्तार में एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला किया। इस प्रतियोगिता में जर्मनी, इटली और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का प्रतिनिधित्व करने वाली टीमें शामिल थीं। जिसमें 12 लैप की ऑटोनॉमस रेस UAE की काइनेटिज (Kinetiz) टीम जीती।
सभी कारों में एक जैसा बेस मॉडल
यह प्रतियोगिता काफी आकर्षक रही, क्योंकि इसमें सभी टीमों को डैलारा SF23 (Dallara) सिंगल-सीटर रेसिंग कार का इस्तेमाल करना पड़ा। यही कार जापान की सुपर फॉर्मूला सीरीज के लिए विकसित की गई है, जिसे फॉर्मूला 1 के बाहर दुनिया की सबसे तेज रेसिंग चैंपियनशिप में से एक माना जाता है। हालांकि इन कारों से इंसानी नियंत्रण हटा दिया गया है। कार को चलाने और आसपास की स्थिति समझने के लिए इसमें कई आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं।
क्या कोई चुनौती भी सामने आई?
इंसान के लिए भी बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती
क्या एआई इंसानी रेस ड्राइवर की बराबरी कर सकता है?
रेसिंग से बढ़ाना चाहते हैं एआई पर भरोसा
A2RL का मकसद सिर्फ तेज कारें बनाना नहीं है। आयोजक चाहते हैं कि आम लोगों को ऑटोनॉमस ड्राइविंग और AI तकनीक को करीब से समझने का मौका मिले। टिम्पानो के मुताबिक एआई को लेकर लोगों में अभी भी कई चिंताएं हैं। इनमें नौकरी, जीवन और एआई की क्षमताओं को लेकर डर शामिल है। ऐसे में परिचित और प्रतिस्पर्धी माहौल यानी मोटरस्पोर्ट में AI को देखने से लोगों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
2023 में हुई थी A2RL की शुरुआत
अबू धाबी ऑटोनॉमस रेसिंग लीग (A2RL) की स्थापना 2023 में हुई थी और इसका मुख्यालय अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात में है। इमोला की यह रेस ऑटोनॉमस रेसिंग के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है। यहां एक ही ट्रैक पर कई एआई-संचालित कारों को तेज रफ्तार में प्रतिस्पर्धा करते देखना यह दिखाता है कि स्वायत्त ड्राइविंग तकनीक सिर्फ सड़कों और सामान्य टेस्टिंग तक सीमित नहीं रही है, बल्कि अब मोटरस्पोर्ट जैसे कठिन वातावरण में भी अपनी क्षमता साबित करने की कोशिश कर रही है।