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Auto: 'मेड इन इंडिया ब्रांड स्कीम' जल्द होगी लॉन्च, ऑटो सेक्टर समेत 100 नए उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

Mon, 11 May 2026 06:57 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार इंडस्ट्री के साथ मिलकर लगभग 100 ऐसे प्रोडक्ट्स की पहचान कर रही है, जो या तो भारत में बनते नहीं हैं या ठीक से नहीं बनते हैं। यह घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ावा देने की कोशिशों का हिस्सा है।
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Car Plant - फोटो : Freepik
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विस्तार
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भारत सरकार देश में घरेलू विनिर्माण (मैन्युफेक्चरिंग) को बढ़ावा देने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर लगभग 100 ऐसे उत्पादों की पहचान कर रही है, जो या तो भारत में नहीं बनते या उनका उत्पादन पर्याप्त नहीं है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने एक सीआईआई (CII) सम्मेलन के दौरान इस महत्वपूर्ण रणनीति का खुलासा किया।

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इन 100 उत्पादों की पहचान के पीछे क्या उद्देश्य है?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का मुख्य लक्ष्य घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों के लिए विनिर्माण का विस्तार करना है:

  • मौजूदा कमी: सचिव ने बताया कि कई ऐसे उत्पाद हैं जो वर्तमान में भारत में नहीं बन रहे हैं, जबकि हमारे पास क्षमता मौजूद है।

  • तकनीकी खाई: कुछ क्षेत्रों में तकनीक की कमी हो सकती है, जिसे सरकार और उद्योग मिलकर दूर करने का प्रयास करेंगे।

  • ऑटो सेक्टर पर ध्यान: पहले से ही कुछ विशिष्ट उत्पादों की पहचान की जा चुकी है। जिनमें ऑटो सेक्टर के 'एक्सल' और 'मोटरसाइकिल कंपोनेंट्स' जैसी चीजें शामिल हैं।

Car Plant - फोटो : Freepik

क्या है 'मेड इन इंडिया ब्रांड स्कीम' और इससे क्या लाभ होगा?

DPIIT जल्द ही आधिकारिक तौर पर 'मेड इन इंडिया ब्रांड स्कीम' लॉन्च करने जा रहा है:

  • लोगो और पहचान: इस योजना के तहत कंपनियों को एक विशेष लोगो के साथ 'ब्रांड' प्रदान किया जाएगा।

  • क्वालिटी का भरोसा: घरेलू कंपनियां इस ब्रांड का उपयोग न केवल 'वैल्यू एडिशन' दिखाने के लिए, बल्कि ग्राहकों को गुणवत्ता का आश्वासन देने के लिए भी कर सकेंगी।

  • पायलट प्रोजेक्ट: स्टील सेक्टर के साथ इसका पायलट रन सफल और उत्साहजनक रहा है। अंतिम निर्णय लेने से पहले उद्योग जगत से सलाह ली जाएगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वैश्विक चुनौतियां मैन्युफैक्चरिंग को कैसे प्रभावित कर रही हैं?

तकनीकी बदलाव और वैश्विक हालातों पर सचिव ने महत्वपूर्ण बातें साझा कीं:

  • AI की रफ्तार: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बहुत तेजी से बढ़ रहा है और यह विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादकता और नवाचार (इनोवेशन) को प्रभावित कर रहा है।

  • सप्लाई चेन पर असर: अनिश्चित भू-राजनीतिक स्थितियों ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिसके लिए भारतीय उद्योगों को तैयार रहना चाहिए।

Volkswagen Car Plant - फोटो : Volkswagen

उद्योग जगत के लिए निवेश और व्यापार के क्या अवसर हैं?

सचिव ने घरेलू कंपनियों को लंबी अवधि के लिए भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया:

  • निवेश का आह्वान: उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे नए अवसरों का लाभ उठाएं और भारत में अधिक निवेश करें।

  • FTA का फायदा: भारत द्वारा अंतिम रूप दिए गए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से भारतीय व्यवसायों के लिए वैश्विक स्तर पर बड़े अवसर पैदा होंगे।

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DPIIT सचिव का यह बयान दर्शाता है कि सरकार भारत को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। 100 नए उत्पादों की पहचान और 'मेड इन इंडिया ब्रांड' जैसे कदम न केवल आयात पर निर्भरता कम करेंगे, बल्कि भारतीय उत्पादों की साख भी पूरी दुनिया में बढ़ाएंगे।

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