आज के समय में क्लीन फ्यूल से चलने वाली गाड़ियों पर कंपनियां अपना फोकस बढ़ा रही हैं। कई कंपनियां मार्केट में अपनी फुल इलेक्ट्रिक कार तार चुकी हैं, जबकि कुछ कंपनियां हाइब्रिड कारें भी बेच रही हैं। इलेक्ट्रिक कारें तो बैटरी से चलती हैं, लेकिन कई लोगों का सवाल होता है कि आखिर हाइब्रिड कारें कैसे चलती हैं। इन दोनों के बीच अंतर पता न होने के कारण लोग कन्फ्यूजन में रहते हैं। अगर आप भी नहीं जानते कि एक इलेक्ट्रिक कार और एक हाइब्रिड कार में क्या अंतर है, तो ये खबर आपके लिए काम की हो सकती है।
केवल बैटरी से चलती है इलेक्ट्रिक कार
MG Comet EV with Charger
- फोटो : MG Motor India
पहले इलेक्ट्रिक कारों की बात करें, तो इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) पूरी तरह बैटरी पर निर्भर होती हैं। ये बैटरी लिथियम ऑयन या लेड एसीड बैटरी हो सकती है। इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाते हैं। इन्हें घर पर भी चार्ज किया जा सकता है। एक बार चार्ज होने पर इलेक्ट्रिक वाहन को उसकी बैटरी क्षमता के अनुसार 100, 200 या 400 किलोमीटर की एक निश्चित दूरी तक चलाया जा सकता है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी अपना समय पूरा करने बाद खराब होने लगती हैं, जिसके बाद उसे बदलवाना पड़ता है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्र्क्चर बानाने में करोड़ो रुपये खर्च होते हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों में कोई टेल-पाइप एमिशन नहीं होता इसलिए इन्हें पूरी तरह ईको फ्रेंडली माना जाता है।
बैटरी और इंजन दोनों से चलती है हाइब्रिड कार
Toyota Prius Flex Fuel Hybrid
- फोटो : अमर उजाला
हाइब्रिड कार की तकनीक फुल इलेक्ट्रिक कार से थोड़ी अलग होती है। हाइब्रिड कार में बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक मोटर और इंजन दोनों का इस्तेमाल होता है। इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर कार को संयुक्त रुप से पावर देते हैं। हाइब्रिड कार में लगी बैटरी गाड़ी के चलने पर अपने आप चार्ज होती रहती है। हाइब्रिड कार भी दो तरह की होती हैं- स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और माइल्ड हाइब्रिड
स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कार में इंजन के साथ बड़ी बैटरी लगी होती है जो कार को पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोड में भी चला सकती है। इससे पेट्रोल की बचत होती है और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलती है। कम स्पीड में हाइब्रिड कार EV मोड में अपने आप शिफ्ट हो जाती है।
वहीं, माइल्ड हाइब्रिड कार की बात करें तो इसमें पारंपरिक इंजन के साथ कम पावर की बैटरी का इस्तेमाल होता है। ये माइलेज बढ़ाने का काम करता है। हालांकि, माइल्ड हाइब्रिड कार को पूरी तरह इलेक्ट्रिक (ईवी) मोड में नहीं चलाया जा सकता।
कौन-सी टेक्नोलॉजी बेहतर?
कौन-सी टेक्नोलॉजी बेहतर?
- फोटो : अमर उजाला
पर्यावरण के नजरिए से देखे तो इलेक्ट्रिक कारें अधिक ईको-फ्रेंडली हैं क्योंकि इनमें कोई उत्सर्जन नहीं होता। हाइब्रिड कारें पेट्रोल/डीजल पर चलती हैं, लेकिन ईवी मोड की के कारण माइलेज बेहतर होता है। इलेक्ट्रिक कारों को चार्जिंग के लिए स्टेशन की जरूरत होती है, जो हर जगह उपलब्ध नहीं हैं। हाइब्रिड कारें इस मामले में अधिक सुविधाजनक होती हैं।