दिल्ली सरकार ने राजधानी में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाकर शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता से निपटने के लिए एक कड़ा कदम उठाया है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-III) के चरण III के तहत लागू किए गए प्रतिबंध शुक्रवार को लागू हो गए। हालांकि, दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के स्तर से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रतिबंधों को 18 नवंबर, सोमवार से स्टेज 4 तक बढ़ा दिया गया है। मौजूदा गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों को मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 194(1) के तहत 20,000 रुपये के भारी जुर्माने सहित सख्त दंड का सामना करना पड़ेगा।
दिल्ली में चुनिंदा पेट्रोल/डीजल वाहनों पर प्रतिबंध: क्या आपका वाहन प्रभावित हुआ है?
प्रतिबंध से विभिन्न श्रेणियों के वाहन प्रभावित होते हैं। बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल हल्के मोटर वाहनों को अब दिल्ली में चलने की अनुमति नहीं है। इसी तरह, दिल्ली में पंजीकृत बीएस-III मानकों या उससे कम मानकों वाले डीजल से चलने वाले मध्यम माल वाहन प्रतिबंधित हैं, जब तक कि वे आवश्यक वस्तुओं या सेवाओं के परिवहन में लगे न हों।
दिल्ली के बाहर से डीजल से चलने वाले हल्के वाणिज्यिक वाहनों को भी शहर में एंट्री करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जब तक कि वे आवश्यक वस्तुएं लेकर न जा रहे हों। इसके अलावा, सिर्फ ऑल- इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों को छोड़कर, एनसीआर राज्यों से आने वाली अंतर-राज्यीय बसें, जो बीएस-VI डीजल मानकों को पूरा नहीं करती हैं, उन्हें राजधानी में प्रवेश करने से रोक दिया गया है।
जीआरएपी 4 प्रतिबंध
जीआरएपी 4 प्रतिबंधों के तहत सबसे प्रमुख उपायों में दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध शामिल है। जिसमें आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों को अपवाद के रूप में रखा गया है। इसके अलावा, एलएनजी, सीएनजी, बीएस-VI डीजल या इलेक्ट्रिक पावर जैसे स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों को प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
इस बीच, दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-जरूरी हल्के वाणिज्यिक वाहनों पर भी प्रतिबंध है, सिवाय सीएनजी, इलेक्ट्रिक पावर और बीएस-VI डीजल से चलने वाले वाहनों के। GRAP 4 के तहत, दिल्ली में पंजीकृत मध्यम और हल्के वाणिज्यिक वाहन जो डीजल या बीएस-IV पर चलते हैं, उन पर भी प्रतिबंध है, सिवाय जरूरी वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों के।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचने से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो रहे हैं। जिसके बाद जीआरएपी-III को लागू किया गया। । जीआरएपी-III उपायों के तहत, सड़कों की मशीन से सफाई की आवृत्ति बढ़ा दी गई है, और अधिक यातायात वाले क्षेत्रों और प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट में धूल को दबाने वाले पदार्थों के साथ पानी का छिड़काव तेज किया जा रहा है। इस निर्देश के तहत निर्माण गतिविधियों, जिसमें तोड़फोड़, मिट्टी का काम और निर्माण मलबे का परिवहन शामिल है, पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
2.7 लाख से अधिक चालान
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्रों से संबंधित उल्लंघनों के लिए जुर्माने में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। इस साल 1 जनवरी से 31 अक्तूबर के बीच 2.7 लाख से अधिक चालान जारी किए गए। यह पिछले तीन वर्षों में इस तरह के जुर्माने की सबसे अधिक संख्या है। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 में 2,78,772 चालान जारी किए गए, जो 2023 में 2,32,885 और 2022 में 1,64,638 की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी है।