अदालतों में लंबित मामलों ने बढ़ाई मुश्किल
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी अधिकारियों ने बताया कि योजनाओं पर चर्चा के दौरान यह सामने आया कि बकाया चालानों से जुड़े कई मामले अभी न्यायालयों में चल रहे हैं, जिससे इस प्रस्ताव के लागू होने पर कानूनी विवाद बढ़ सकता है। इसी कारण से कैबिनेट ने योजना को फिलहाल आगे बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी।
सरकार योजना लागू करने के पक्ष में है, लेकिन संशोधित प्रस्ताव तैयार कर उसे उपराज्यपाल विनय सक्सेना की मंजूरी के लिए भेजना होगा। किसी भी कानूनी अस्पष्टता वाले मामले में एलजी की अनुमति अनिवार्य होती है।
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22 लाख चालान, सिर्फ 55 हजार का भुगतान
जनवरी से जुलाई 2025 के बीच दिल्ली में 22.43 लाख ट्रैफिक चालान जारी किए गए, लेकिन इनमें से केवल 55,075 चालान ही भरे गए। यानी लगभग 98% प्रतिशत चालान अभी भी लंबित हैं।
कुछ प्रमुख आंकड़े
- गलत पार्किंग: 7.2 लाख चालान, सिर्फ 27,000 का भुगतान
- बिना हेलमेट: 4.2 लाख चालान, सिर्फ 5,100 भुगतान
- बिना लाइसेंस ड्राइविंग: 3.2 लाख चालान, केवल 2,583 भुगतान
दिल्ली में 80 लाख से अधिक पंजीकृत वाहन हैं और ट्रांसपोर्ट विभाग रोजाना 1,000-1,500 चालान जारी करता है, जिससे सिस्टम पर भारी दबाव है।
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माफी योजना क्या थी और इससे किसे राहत मिलती
अगर योजना को मंजूरी मिलती, तो वाहन मालिकों को 50-70 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती थी। यह राहत दोपहिया, तिपहिया और चार-पहिया वाहन मालिकों के लिए थी और इसमें ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा जारी चालान शामिल होते।
इसमें शामिल उल्लंघन:
- PUCC एक्सपायरी
- ओवरलोडिंग
- गलत दिशा में चलना
- बिना हेलमेट
- रेड लाइट जंप
गंभीर अपराध जैसे ड्रंक ड्राइविंग, बिना वैध लाइसेंस ड्राइव करना या खतरनाक ड्राइविंग इसमें शामिल नहीं होने थे।
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संभावित कार्यावधि: 2-3 महीने की विंडो
अधिकारियों के अनुसार, यदि योजना को मंजूरी मिलती है, तो छूट वाली समय-सीमा 2-3 महीने की हो सकती थी> जिससे लोग पुराने चालानों का भुगतान कर पाते और अदालतों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता।
ई-चालान से पकड़ बढ़ी, लेकिन भुगतान अभी भी कम
- फोटो प्रमाण वाले ई-चालानों ने उल्लंघन पकड़ना आसान किया है, लेकिन भुगतान में कोई सुधार नहीं हुआ।
- बहुत से वाहन चालक लोक अदालत के आने का इंतजार करते हैं क्योंकि वहां अक्सर जुर्माना कम कर दिया जाता है।
- देरी से भुगतान पर कोई अतिरिक्त पेनल्टी या ब्याज न लगने के कारण भी लोग चालान समय पर नहीं भरते।
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अगर माफी योजना नहीं आई, तो सख्त कदम संभव
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि यह राहत योजना प्रभावी नहीं रही, तो भविष्य में सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, जैसे-
- वाहन से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं को VAHAN पोर्टल पर ब्लॉक करना
- बार-बार उल्लंघन करने वालों की वाहन पंजीकरण रद्द करना
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