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Delhi Scrap Rule: पुरानी गाड़ियों पर दिल्ली सरकार सख्त; बिना नोटिस जब्त और स्क्रैप होंगे वाहन, जानें नया नियम

Thu, 19 Feb 2026 01:10 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Delhi Old Car Scrap New Rule 2026: दिल्ली में वाहन मालिकों के लिए नियमों का दौर एक बार फिर सख्त हो गया है। राजधानी में तय आयु सीमा पार कर चुकी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों को अब सड़क पर चलने या सार्वजनिक स्थान पर खड़ा पाए जाने पर सीधे जब्त कर स्क्रैप किया जा सकता है। यह कदम प्रदूषण नियंत्रण नीति के तहत लागू किया जा रहा है और इसका सीधा असर हजारों वाहन मालिकों पर पड़ सकता है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। अब अधिकारी आपके दरवाजे पर नोटिस चिपकाने का इंतजार नहीं करेंगे। अब तक लोग सोचते थे कि अगर गाड़ी सड़क पर नहीं चला रहे, तो वह सुरक्षित है, लेकिन नए आदेश के अनुसार, अगर आपकी गाड़ी किसी सार्वजनिक स्थान (Public Place) या सड़क किनारे भी खड़ी पाई गई तो उसे एंड ऑफ लाइफ व्हीकल यानी की ईएलवी मानकर उठा लिया जाएगा। विभाग ने साफ कहा है कि इसके पहले कोई सूचना नहीं दी जाएगी।

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किन वाहनों पर सीधा असर?
दिल्ली में पहले से लागू नियमों के अनुसार 10 साल से अधिक पुरानी डीजल गाड़ियां और 15 साल से अधिक पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर असर पड़ेगा। क्योंकि इन वाहनों को ईएलवी माना जा रहा है। इसके अलावा अगर गाड़ी  BS-III या उससे पुराने उत्सर्जन मानक आधारित है और वह तय आयु सीमा में आ चुकी है, तो उसे भी जब्त किया जा सकता है। नई बीएस-VI गाड़ियों की तुलना में पुराने इंजन तकनीक वाली गाड़ियां कई गुना अधिक प्रदूषण फैलाती हैं। जिसे देखते हुए प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रही है।

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नियम की कानूनी पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई किसी नए कानून का हिस्सा नहीं है, बल्कि पहले दिए गए निर्देशों को कड़ाई से लागू करने का चरण है। ये पूरा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के फैसलों पर आधारित है। जिसका एक ही उद्देश्य है, दिल्ली-एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को अधिक से अधिक कम करना।

पेट्रोल पंपों पर भी निगरानी
इतना ही नहीं अभी हाल के महीनों में राजधानी के पेट्रोल पंपों को भी निर्देश दिया गया था कि जो तय आयु सीमा के अंदर आते हैं सिर्फ उन्हें ही फ्यूल दें। इनके बाहर वालों को नहीं। इसके लिए कई पंपों पर एएनपीआर यानी की स्वचालित नंबर प्लेट पहचान सिस्टम लगाए गए हैं, जो  गाड़ियों की उम्र पहचानकर उन्हें फ्लैग कर देते हैं। ये पूरा अभियान कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट की निगरानी में चल रहा है।

वाहन मालिकों के पास क्या विकल्प हैं?
अगर आपकी गाड़ी आयु सीमा पार कर चुकी है, तो आपके पास तीन मुख्य विकल्प हैं:
1. एनओसी लेकर वाहन ट्रांसफर करें: आप नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) लेकर वाहन को दिल्ली और एनसीआर से बाहर ट्रांसफर कर सकते हैं।
2. अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर में जमा करें: सरकार की वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत अधिकृत केंद्रों पर वाहन जमा करने पर कुछ प्रोत्साहन भी मिल सकता है।
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3. वाहन रजिस्ट्रेशन स्थिति तुरंत जांचें: वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत अपनी आरसी डिटेल्स चेक करें और स्थिति स्पष्ट करें।

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क्यों बढ़ी है सख्ती?
दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्तर तक पहुंच जाती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ, जिसका प्रमुख कारण वाहन प्रदूषण को माना जाता है। पुराने  इंजन तकनीक वाली गाड़ियां नई बीएस-VI तकनीक की तुलना में कहीं ज्यादा पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) और नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जित करती हैं। इसी वजह से प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस मोड में नजर आ रहा है।

 इससे ऑटो इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा?
ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार इससे सेकंड-हैंड कार बाजार में हलचल हो सकती है। स्क्रैपिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल सकता है। नई और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग में संभावित तेजी आ सकती है और बीएस-VI मॉडल्स की बिक्री अधिक हा सकती है। हालाकिं ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए यह नीति एक बड़े बदलाव का संकेत है।

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