दिल्ली सरकार प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 1 अक्तूबर 2026 से एक विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन पर ₹10,000 तक का भारी चालान और जुर्माना लगाया जाएगा।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राजधानी की सड़कों पर दौड़ने वाले सभी वाहन तय उत्सर्जन मानकों पर खरे उतरें। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115(7) के अनुसार, प्रथम पंजीकरण के एक वर्ष बाद सभी वाहनों के पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। यह नियम सभी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाहनों पर लागू होता है। जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को इससे छूट दी गई है।
'PUC नहीं, तो ईंधन नहीं' और पीयूसी सेंटर्स की निगरानी के लिए क्या नए कदम उठाए जा रहे हैं?
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण रणनीतिक निर्णय लिए गए हैं। इसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी शामिल हुए:
- PUC नहीं, तो ईंधन नहीं नियम: दिल्ली सरकार 'बिना PUC के ईंधन नहीं' नियम को मिशन मोड में सख्ती से लागू करेगी।
- तकनीकी सुधार: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पीयूसी केंद्रों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए आधुनिक तकनीक से निगरानी मजबूत की जाएगी।
सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए निर्माण कार्यों और वाहनों पर क्या पाबंदियां रहेंगी?
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शहर में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन प्रतिबंधों की एक श्रृंखला की घोषणा की है:
- निर्माण गतिविधियों पर रोक: 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली सभी तोड़फोड़ और बाहरी सिविल निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण एवं तोड़फोड़ पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
- बाहरी वाहनों की नो-एंट्री: 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI (BS-6 मानकों को पूरा न करने वाले) वाहनों के शहर में प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी।
पार्किंग शुल्क, वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस टाइमिंग्स को लेकर क्या बदलाव किए गए हैं?
निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटाने के लिए सरकार ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- पार्किंग फीस दोगुनी: 1 नवंबर से दिल्ली में गाड़ियों का पार्किंग चार्ज दोगुना कर दिया जाएगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों को इस अतिरिक्त पार्किंग शुल्क से राहत दी गई है।
- स्टैगर्ड टाइमिंग्स और WFH: सरकारी और निजी दफ्तरों के लिए स्टैगर्ड ऑफिस टाइमिंग्स (अलग-अलग समय पर काम) की व्यवस्था लागू की जाएगी। साथ ही कर्मचारियों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम (WFH) का प्रावधान किया जाएगा।