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Traffic Violations: दिल्ली के 10 में से छह वाहन चालक पुलिस को देते हैं रिश्वत! सर्वे में किया गया दावा

Wed, 19 Feb 2025 06:39 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या दिल्ली में गाड़ी चलाना आसान है? ट्रैफिक नियमों की निगरानी कैसी है? और सबसे महत्वपूर्ण - क्या ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के बाद आसानी से बचा जा सकता है? इन सवालों के जवाब आपको हैरान कर सकते हैं।
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Delhi Traffic Police - फोटो : PTI
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विस्तार
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क्या दिल्ली में गाड़ी चलाना आसान है? ट्रैफिक नियमों की निगरानी कैसी है? और सबसे महत्वपूर्ण - क्या ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के बाद आसानी से बचा जा सकता है? इन सवालों के जवाब आपको हैरान कर सकते हैं।
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सर्वे में खुलासा - दिल्ली में सबसे ज्यादा घूसखोरी
हाल ही में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बंगलूरू में किए गए एक सर्वे में यह सामने आया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पुलिस को रिश्वत देने के मामले सबसे अधिक हैं। यह सर्वे पार्क+ रिसर्च लैब्स द्वारा किया गया, जिसमें तीनों शहरों से 600-600 लोगों को शामिल किया गया।

सर्वे के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 64 प्रतिशत लोगों ने माना कि उन्होंने पुलिस को घूस दी। जबकि मुंबई में 61 प्रतिशत और बंगलूरू में 58 प्रतिशत लोगों ने ऐसा करने की बात स्वीकार की।
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Delhi Traffic Police - फोटो : ANI
लोग रिश्वत क्यों देते हैं?
दिल्ली में वाहनों की संख्या बहुत अधिक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन भी ज्यादा होगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि वे नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हैं, लेकिन फिर भी कई लोग कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए घूस देना आसान मानते हैं।

सर्वे में पाया गया कि 42 प्रतिशत लोगों ने इसलिए रिश्वत दी क्योंकि वे लंबे कानूनी झंझट से बचना चाहते थे या पुलिसकर्मियों ने उनसे पैसे मांगे थे।

Delhi Traffic Police - फोटो : PTI
दिल्ली-एनसीआर में कितनी रिश्वत दी जाती है?
सर्वे के अनुसार, 69 प्रतिशत लोगों ने 500 रुपये से कम की रिश्वत दी, जबकि 28 प्रतिशत लोगों ने 1,000 रुपये से अधिक की रिश्वत दी। मुंबई और बंगलूरू में भी आंकड़े लगभग समान थे। मुंबई में 67 प्रतिशत लोगों ने 500 रुपये या उससे कम की रिश्वत दी, जबकि 29 प्रतिशत ने 1,000 रुपये से अधिक दिए। वहीं, बंगलूरू में 65 प्रतिशत लोगों ने 500 रुपये से कम और 23 प्रतिशत ने 1,000 रुपये से अधिक की रिश्वत दी।

Delhi Traffic Police - फोटो : PTI
किन कारणों से ट्रैफिक पुलिस को रिश्वत दी जाती है?
दिल्ली में जिन लोगों ने रिश्वत देने की बात स्वीकार की, उनमें 31 प्रतिशत लोगों को रेड लाइट तोड़ने पर रोका गया था और 19 प्रतिशत को सीट बेल्ट न पहनने के कारण। ये दो सबसे सामान्य ट्रैफिक उल्लंघन पाए गए।

घूसखोरी के मुख्य कारण
सर्वे में शामिल तीनों शहरों के लोगों ने तीन प्रमुख कारण बताए -
  1. कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए
  2. पुलिसकर्मियों द्वारा घूस मांगे जाने के कारण
  3. डर की वजह से
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Delhi Traffic - फोटो : X/@dtptraffic
रिश्वतखोरी रोकने के उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार, रिश्वतखोरी पर रोक लगाने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं:
  1. नियम तोड़ने वालों और भ्रष्ट अधिकारियों दोनों के लिए कड़े दंड
  2. स्वचालित निगरानी प्रणाली
  3. एआई-आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग जिससे पुलिस हस्तक्षेप कम हो
  4. पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाना ताकि पारदर्शिता बनी रहे
  5. जनता को जागरूक करने के लिए अभियान चलाना
  6. भ्रष्टाचार की शिकायत करने के लिए विशेष प्लेटफॉर्म बनाना

अगर ये उपाय लागू किए जाएं, तो ट्रैफिक पुलिस में भ्रष्टाचार को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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