फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रहें सावधान!: अचानक लेन बदली तो कटेगा ऑनलाइन चालान, 500 वाहनों पर हुई कार्रवाई

Thu, 06 Aug 2026 02:24 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर आप दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं, तो अब लेन बदलने को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। 1 अगस्त से लागू हुए नए नियमों के तहत अचानक लेन बदलने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अब स्वचालित ई-चालान जारी किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Smart Surveillance On Expressway - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों को अब अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी। 1 अगस्त से लागू हुई नई गाइडलाइंस के तहत अचानक लेन बदलने पर सीधे ई-चालान जारी किया जा रहा है। इस नियम के कड़ाई से पालन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआत के महज पांच दिनों के भीतर ही लगभग 500 वाहनों का चालान काटा जा चुका है। 
विज्ञापन

तेज रफ्तार पर अचानक लेन बदलना सड़क दुर्घटनाओं का एक सबसे बड़ा कारण बनकर उभरा था। इसी खतरे को टालने के लिए पूरे एक्सप्रेसवे पर कैमरों का एक नेटवर्क बिछाया गया है। यह व्यवस्था सबसे पहले एक्सप्रेसवे के राजस्थान वाले हिस्से में लागू की गई थी। जिसे अब हरियाणा वाले हिस्से में भी लागू कर दिया गया है।
 

एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग लेन के लिए गति सीमा के क्या नियम तय किए गए हैं?

दिल्ली और मुंबई सहित कई प्रमुख राज्यों के शहरों के बीच कनेक्टिविटी सुधारने के लिए बनाए गए इस एक्सप्रेसवे पर वडोदरा तक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यहाँ अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।
अधिकारियों ने यातायात के पैटर्न का अध्ययन करने के बाद लेन के अनुसार गति सीमा तय की है:
  • तीसरी और चौथी लेन: ये लेन सबसे तेज गति से चलने वाली गाड़ियों के लिए तय की गई हैं। जहां वाहन 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चल सकते हैं।
  • दूसरी लेन: मध्य की इस लेन में वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
  • पहली लेन: पहली लेन में चलने वाली गाड़ियाँ अधिकतम 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा कर सकती हैं।
अगर 120 किमी प्रति घंटा या 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रहा कोई वाहन अचानक अपनी लेन बदलता है, तो पीछे से आने वाले वाहनों के लिए खतरनाक स्थिति पैदा हो जाती है। इसी जोखिम को रोकने के लिए पहले राजस्थान और फिर हरियाणा सेक्शन में कैमरा निगरानी सॉफ्टवेयर को अपडेट किया गया है।
 

हरियाणा के किस क्षेत्र में इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर देखने को मिलेगा?

हरियाणा सेक्शन में कैमरा सॉफ्टवेयर के अपडेट होने के बाद ऑटोमैटिक ई-चालान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था का सबसे व्यापक और सकारात्मक असर हरियाणा के मेवात क्षेत्र में दिखेगा। क्योंकि इस इलाके में दुर्घटनाओं की संख्या तुलनात्मक रूप से अधिक रही है।
  • भारी व्यावसायिक वाहनों की लापरवाही: डंपर और ट्रक जैसे भारी व्यावसायिक वाहन अक्सर नियमों का उल्लंघन करते पाए गए हैं।
  • दुर्घटना का मुख्य कारण: ये भारी वाहन अक्सर पहली लेन से अचानक दूसरी, तीसरी या चौथी लेन में आ जाते हैं। इसके चलते पीछे से तेज गति में आ रही गाड़ियों के ड्राइवरों को ब्रेक लगाने या प्रतिक्रिया देने का पर्याप्त समय नहीं मिलता। जिससे गंभीर हादसे हो जाते हैं।

एक्सप्रेसवे पर निगरानी और ई-चालान की तकनीक कैसे काम कर रही है?

एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे और लगातार निगरानी बनाए रखने के लिए एडवांस्ड तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:
  • हर 2 किलोमीटर पर कैमरे: एक्सप्रेसवे पर हर दो किलोमीटर की दूरी पर हाई-टेक कैमरे लगाए गए हैं।
  • 500 मीटर का कवरेज: प्रत्येक कैमरा अपने आगे के 500 मीटर और पीछे के 500 मीटर के दायरे की पूरी निगरानी करता है। जिससे कोई भी हिस्सा सर्विलांस से बच नहीं पाता।
  • अन्य उल्लंघनों पर भी चालान: अचानक लेन बदलने के अलावा, गलत दिशा में गाड़ी चलाने और निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों से बाहर वाहन खड़ा करने पर भी तुरंत चालान जारी किए जाएंगे।
विज्ञापन

वाहन चालकों और एनएचएआई का क्या कहना है?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सप्रेसवे का नियमित इस्तेमाल करने वाले एक कारोबारी का कहना है कि चालान शुरू होने के बाद भी वाहनों की रफ्तार में कोई खास कमी नहीं आई है।

उन्होंने सुझाव दिया कि जो चालक बार-बार नियम तोड़ते हैं, उनके वाहनों को कम से कम एक महीने के लिए जब्त करने का प्रावधान होना चाहिए। उनका मानना है कि इससे लोग यातायात नियमों का ज्यादा गंभीरता से पालन करेंगे।

वहीं, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा खंड में कैमरा प्रणाली को अपडेट कर दिया गया है। और अब राजस्थान की तरह यहां भी अचानक लेन बदलने पर ई-चालान जारी किए जा रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से यातायात नियमों के उल्लंघन में कमी आएगी और सड़क सुरक्षा बेहतर होगी।


क्या भविष्य में और सख्त नियम लागू हो सकते हैं?

एनएचएआई (सोहना) के परियोजना निदेशक पी.के. कौशिक ने कहा कि बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ वाहन जब्त करने जैसे सुझावों पर भविष्य में विचार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मानव जीवन से बढ़कर कुछ भी नहीं है और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, उन्हें लागू किया जाएगा।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें