पहले आधा पैसा भरें, फिर कोर्ट में बहस करें
नए सिस्टम का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब आप चालान को इग्नोर नहीं कर सकते। अगर आप चालान को कोर्ट में चुनौती देना चाहते हैं तो मामले के कोर्ट पहुंचने से पहले 50% पेनल्टी भरनी ही होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि चालान भरने में देरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अगर आप समय सीमा चूक जाते हैं, तो सिस्टम आपको रोजाना ऑटोमेटेड रिमाइंडर भेजेगा।
चालान की अनदेखी पड़ेगी भारी, ब्लॉक हो सकती हैं गाड़ी से जुड़ी सेवाएं
नया ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह से हाई-टेक और डिजिटल तकनीक पर आधारित है, जहां हर चालान और पेमेंट की निगरानी एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल सिस्टम के ज़रिए की जाएगी। ऐसे में अगर आप चालान भरने में कोताही बरतते हैं, तो यह न केवल आपके जुर्माने की राशि को बढ़ाएगा, बल्कि आपके लिए कई बड़ी मुश्किलें भी खड़ी कर सकता है।
नियमों के मुताबिक, चालान पेंडिंग होने की स्थिति में गाड़ी से जुड़ी जरूरी सेवाएं, जैसे रोड टैक्स का भुगतान या ड्राइविंग लाइसेंस का रिन्यूअल पूरी तरह ब्लॉक किया जा सकता है। इतना ही नहीं, विभाग आपकी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन को भी होल्ड पर डाल सकता है और अगर इसके बाद भी नियमों की अनदेखी जारी रहती है तो मामला कोर्ट तक पहुंचने पर आपकी गाड़ी को जब्त करने के आदेश भी दिए जा सकते हैं।
बार-बार नियम तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज
अगर कोई व्यक्ति एक साल में 5 या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो उसे 'गंभीर अपराधी' की कैटेगरी में डाल दिया जाएगा। ऐसे ड्राइवरों का लाइसेंस सस्पेंड या हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है।
समय पर भरें चालान, वरना मान ली जाएगी गलती
नए सिस्टम के तहत चालान के निपटारे के लिए अब कड़े और स्पष्ट नियम तय किए गए हैं, जिनका पालन करना हर वाहन चालक के लिए जरूरी है। चालान कटने के बाद पहले 45 दिनों का समय दिया जाता है। इसमें आप या तो जुर्माना भर सकते हैं या उसे ऑनलाइन चुनौती दे सकते हैं। अगर इस दौरान आप कोई कदम नहीं उठाते तो अगले 30 दिनों में सिस्टम यह मान लेगा कि आपने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और आपको पूरा भुगतान करना होगा।
अगर आपने चालान को चुनौती दी थी और वह खारिज हो जाती है तो आपके पास 30 दिन का समय होगा कि आप जुर्माना भरें या फिर 50% राशि जमा कर कोर्ट का रुख करें। इन सबके बाद अंत में 15 दिनों की एक आखिरी विंडो दी जाती है, जो सख्त कानूनी कार्रवाई से बचने का अंतिम मौका होता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि ई-चालान आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर मात्र 3 दिन में पहुंच जाएगा। जबकि डाक से मिलने वाले नोटिस में 15 दिन लग सकते हैं, इसलिए अपने रिकॉर्ड्स में मोबाइल नंबर हमेशा अपडेट रखें।
9 मई को लगेगी लोक अदालत
अगर आपके पुराने चालान पेंडिंग हैं, तो दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण आपको एक शानदार मौका दे रहा है। 9 मई 2026 को दिल्ली में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जहां आप अपने पुराने चालान कम पेनल्टी देकर आसानी से निपटा सकते हैं।
कहां लगेगी लोक अदालत?
यह सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक दिल्ली के प्रमुख कोर्ट परिसरों में लगेगी। इनमें तीस हजारी, कड़कड़डूमा, साकेत, पटियाला हाउस, रोहिणी, द्वारका और राउज एवेन्यू शामिल हैं।
कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
अगर आप लोक अदालत के जरिए अपना चालान निपटाना चाहते हैं, तो यह ध्यान रखें कि आप सीधे कोर्ट नहीं जा सकते; इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग करना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 4 मई से 7 मई 2026 तक चलेगी। इसमें हर दिन सुबह 10 बजे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर बुकिंग विंडो खुलेगी। चूंकि इसमें लिमिट तय की गई है, इसलिए आपको तेजी दिखानी होगी।
सिस्टम हर दिन केवल 50 हजार चालान ही स्वीकार करेगा और कुल 2 लाख मामलों की सीमा पूरी होते ही बुकिंग बंद हो जाएगी। एक बार आपका स्लॉट बुक हो जाए तो अपने चालान और टोकन नंबर वाली अपॉइंटमेंट स्लिप का प्रिंटआउट लेना न भूलें, क्योंकि कोर्ट परिसर में प्रवेश और निपटारे के लिए यह दस्तावेज़ साथ ले जाना बेहद जरूरी है।
कौन से चालान होंगे माफ?
इस विशेष अभियान में मुख्य रूप से उन रूटीन ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को शामिल किया गया है, जो 31 जनवरी 2026 तक काटे गए हैं। इनमें बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के गाड़ी चलाना, ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप करना और गलत पार्किंग जैसे आम उल्लंघन शामिल हैं। इन्हें आप यहां आसानी से सेटल कर सकते हैं।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि लोक अदालत हर तरह के अपराध के लिए नहीं है। ड्रंक एंड ड्राइव (शराब पीकर गाड़ी चलाना), हिट-एंड-रन या किसी बड़े हादसे से जुड़े गंभीर मामलों का निपटारा यहां नहीं किया जाएगा। ऐसे गंभीर अपराधों के लिए कानूनी प्रक्रिया पहले की तरह ही सख्त बनी रहेगी।