अमेरिका की दिग्गज इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माता कंपनी, Tesla Inc. (टेस्ला इंक.) को गुरुग्राम स्थित Tesla Power (टेस्ला पावर) के साथ चल रहे ट्रेडमार्क विवाद में शुरुआती राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि टेस्ला पावर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का निर्माण, बिक्री या मार्केटिंग नहीं करेगी।
Delhi High Court
- फोटो : अमर उजाला
अदालत ने टेस्ला पावर द्वारा दिए गए एक वचन को दोहराया, जिसमें कहा गया था कि कंपनी अनुपालन के लिए "सभी और आगे के कदम" उठाएगी। टेस्ला इंक. ने "टेस्ला पावर" ब्रांडेड ई-स्कूटरों की बिक्री पर चिंता जताई थी, जिससे ट्रेडमार्क उल्लंघन का मामला सामने आया था। जवाब में, टेस्ला पावर ने साफ किया कि सभी विक्रेताओं को ई-स्कूटरों से "टेस्ला पावर" का लोगो हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, गुरुग्राम स्थित कंपनी टेस्ला पावर इन्वर्टर बैटरी के कारोबार में है। उसने कहा है कि उसकी ईवी बनाने की कोई योजना नहीं है। ई-स्कूटरों की बिक्री सिर्फ एक अन्य निर्माता के साथ एक मार्केटिंग टाई-अप था।
Elon Musk Tesla Car
- फोटो : Social Media
इन आश्वासनों के बावजूद, अरबपति एलन मस्क के नेतृत्व वाली टेस्ला इंक. का दावा है कि "टेस्ला" ब्रांडिंग वाले ई-स्कूटर अभी भी उपलब्ध हैं। कंपनी का आरोप है कि गुरुग्राम स्थित इकाई अपने ही वचन का उल्लंघन कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई छुट्टियों के बाद 4 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी।
Delhi High Court
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले मंगलवार को, अदालत ने टेस्ला पावर इंडिया को अपने इलेक्ट्रिक वाहन स्कूटरों के स्टॉक और बिक्री की डिटेल्स देते हुए एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसमें डीलरों के नाम, लॉन्च की तारीख और मौजूदा स्टॉक उपलब्धता प्रदान करना शामिल है। यह निर्देश टेस्ला इंक. द्वारा टेस्ला पावर इंडिया के खिलाफ ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे में दायर एक याचिका के जवाब में आया था।
टेस्ला इंक. ने तर्क दिया कि भारतीय कंपनी द्वारा ट्रेडमार्क के इस्तेमाल से उपभोक्ताओं में भ्रम पैदा हो रहा है और उसके व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुंच रहा है। कंपनी ने कहा कि टेस्ला पावर बैटरी के खिलाफ शिकायतें अमेरिकी कंपनी को निर्देशित की जा रही थीं। क्योंकि उपभोक्ताओं ने उन्हें टेस्ला इंक. से जुड़ा माना था।