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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे हादसा: ओवरस्पीडिंग और रिवर्स लेना बन सकता है मौत की वजह, कभी न करें ये 5 गलतियां!

Mon, 29 Jun 2026 05:13 PM IST
Suyash Pandey ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीे

सार

Delhi-Dehradun Expressway Lesson For Drivers: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक हादसे ने हाई-स्पीड सड़कों पर छोटी-सी लापरवाही के गंभीर परिणामों को फिर सामने ला दिया है। एक्सप्रेसवे पर रिवर्स लेना, ओवरस्पीडिंग और लेन डिसिप्लिन की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। अगर आप अक्सर एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं, तो ये 5 जरूरी सेफ्टी टिप्स आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं।
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे हादसे ने सिखाया बड़ा सबक! - फोटो : एआई
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विस्तार
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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुए हालिया दर्दनाक हादसे ने हम सबको झकझोर कर रख दिया है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि एक ड्राइवर ने अपना एग्जिट मिस कर दिया और हाईवे पर ही कार को रिवर्स करने लगा। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार एसयूवी ने उसे जोरदार टक्कर मार दी, जिससे एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई।

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यह घटना हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है। एक्सप्रेसवे शानदार सड़कों और लंबी दूरी तय करने के लिए बेहतरीन होते हैं, लेकिन यहां की गई एक छोटी-सी भी लापरवाही मौत को दावत दे सकती है। अगर आप भी अक्सर एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं, तो खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए इन आसान सेफ्टी टिप्स को हमेशा याद रखें।


गाड़ी रिवर्स करने या रॉन्ग साइड चलने की गलती कभी न करें

एक्सप्रेसवे पर सबसे बड़ा नियम यही है कि कभी पीछे न मुड़ें। अगर आपका एग्जिट मिस हो गया है, तो गाड़ी को रिवर्स गियर में डालने या रॉन्ग साइड चलने की भूल बिल्कुल न करें। शांति से आगे बढ़ें और अगले एग्जिट से यू-टर्न लेकर वापस आएं। 10-15 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर आपकी जान से ज्यादा कीमती नहीं है।

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स्पीड कंट्रोल और दूरी का रखें ध्यान

तेज रफ्तार हादसों को और ज्यादा खतरनाक बना देती है।

  • स्पीड लिमिट: एक्सप्रेसवे पर तय गति सीमा जोकि आमतौर पर 80-100 किमी/घंटा होती है, का ही पालन करें। खराब मौसम या बारिश में स्पीड और कम कर लें।
  • सेफ डिस्टेंस: आगे चल रही गाड़ी से कम से कम 4-5 सेकंड की दूरी बनाकर रखें, ताकि अचानक ब्रेक लगाने की नौबत आने पर आपकी गाड़ी न टकराए।

 


लेन डिसिप्लिन का सख्ती से पालन करें

लेन को लेकर की गई लापरवाही भारत में हादसों का एक बड़ा कारण है।

  • हमेशा बाईं या बीच वाली लेन में ड्राइव करें।
  • दाईं लेन सिर्फ ओवरटेक करने के लिए होती है; इसमें धीमी गति से गाड़ी चलाना खतरनाक है।
  • लेन बदलते समय हमेशा इंडिकेटर का इस्तेमाल करें और अपने साइड मिरर (ORVMs) को चेक करना न भूलें।

 


नींद और थकान से बचें

लंबी और सीधी सड़कों पर अक्सर ड्राइवरों को हाइवे हिप्नोसिस (नींद के झटके) का शिकार होना पड़ता है।

  • हर 2-3 घंटे की लगातार ड्राइविंग के बाद एक छोटा ब्रेक जरूर लें।
  • अगर थकान या नींद महसूस हो रही है, तो तुरंत किसी रेस्ट एरिया में रुकें या किसी और को ड्राइविंग सौंप दें।
  • रात के समय हाई बीम का गलत इस्तेमाल न करें, इससे सामने वाले की आंखों पर चमक पड़ती है और हादसा हो सकता है।

 


ट्रिप से पहले कार की चेकिंग और इमरजेंसी की तैयारी

एक्सप्रेसवे पर चढ़ने से पहले आपकी कार पूरी तरह से फिट होनी चाहिए।

  • प्री-चेकअप: ट्रिप शुरू करने से पहले कार के टायर का प्रेशर, ब्रेक, इंजन ऑयल और सभी लाइट्स ठीक से चेक कर लें।
  • इमरजेंसी किट: गाड़ी में फर्स्ट एड बॉक्स, पानी और जरूरी टूल्स हमेशा साथ रखें।
  • ब्रेकडाउन होने पर: अगर गाड़ी खराब हो जाए, तो तुरंत हेजर्ड लाइट्स ऑन करें। गाड़ी के पीछे वार्निंग ट्राएंगल लगाएं और खुद हाईवे पर पैदल न घूमें। मदद के लिए तुरंत NHAI हेल्पलाइन (1033) पर कॉल करें।

आखिरी और सबसे जरूरी बात: कार में बैठे सभी लोगों को सीट बेल्ट जरूर पहननी चाहिए और बच्चों को हमेशा पीछे की सीट पर ही बैठाएं। आपकी थोड़ी सी सतर्कता आपके सफर को सुरक्षित और आनंददायक बना सकती है।

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