दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर जहरीला हो गया है। देश की राजधानी में AQI यानी वायु-गुणवत्ता सूचकांक को बिगाड़ने में कई वजहें अपना योगदान करती हैं। लेकिन यहां अक्सर दोष का एक बड़ा वाहनों के मत्थे मढ़ा जाता है। इंजन से चलने वाले वाहनों से होने वाले टेलपाइप उत्सर्जन को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है। लेकिन कुछ अनुमेय सीमाएं हैं जिन्हें प्रदूषण-नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्रों द्वारा अनुमोदित किया जाता है जो सभी के लिए अनिवार्य हैं।
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नकेल
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में सिर्फ दो हफ्तों में 54,000 से ज्यादा वाहनों पर PUC (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) (पीयूसी) सर्टिफिकेट की अवधि खत्म होने के कारण जुर्माना लगाया गया। शहर में अधिकारी प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नकेल कस रहे हैं। इसलिए अब यह जांचने का सही समय है कि आपके वाहन के पास वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र है या नहीं। यह एक ऐसा कदम है जो आपके काफी पैसे बचा सकता है।
वैध पीयूसी के लिए जुर्माना राशि कितनी है?
दिल्ली परिवहन विभाग ने वैध पीयूसी के बिना चल रहे वाहनों को पकड़ने के लिए निगरानी प्रयासों को तेज कर दिया है। एक्सपायर हो चुके पीयूसी वाले किसी भी वाहन के लिए जुर्माना 10,000 रुपये तक है। कुछ स्थितियों में वाहन को जब्त भी किया जा सकता है। और बार-बार अपराध करने जैसी सबसे खराब स्थिति में वाहन के मालिक को छह महीने तक की जेल भी हो सकती है।
वैध पीयूसी कैसे हासिल करें?
पीयूसी हासिल करने के लिए बहुत कम प्रयास और समय की जरूरत होती है। और निश्चित रूप से, यह आपको पकड़े जाने पर भारी भरकम जुर्माना भरने की परेशानी से बचा सकता है। दिल्ली और अन्य जगहों पर भी बहुत सारे पीयूसी केंद्र हैं। किसी भी पीयूसी सेंटर में चले जाएं, अपना मोबाइल नंबर साझा करें, ओटीपी आने पर सेंटर को दे और आपका पीयूसी बन जाएगा।
एक बार जब आपको वैध पीयूसी मिल जाता है, तो आपको एक चेकिंग शुल्क देना पड़ता है। यह आम तौर पर निजी कारों के लिए लगभग 150 रुपये और निजी दोपहिया वाहनों के लिए 100 रुपये होता है। पीयूसी आमतौर पर वाहन की जांच के समय से एक वर्ष के लिए वैध होता है।
क्या आपका वाहन पीयूसी परीक्षण में फेल हो सकता है?
अगर टेलपाइप उत्सर्जन अनुमेय सीमा से ज्यादा है, तो वाहन जांच में फेल हो जाएगा। इसके लिए कोई जुर्माना नहीं है और परीक्षण शुल्क का भुगतान करने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि, यह उस वाहन के मालिक पर निर्भर करता है कि वह इसके कारण का पता लगाने और उसे ठीक करने के लिए वाहन की जांच सर्विस सेंटर पर करवाएं।
क्या होती है इसकी वजह
टेलपाइप उत्सर्जन कई कारणों से ज्यादा हो सकता है। जिसमें गंदे फ्यूल इंजेक्टर, दोषपूर्ण इग्निशन सिस्टम और खराब स्पार्क प्लग से लेकर दोषपूर्ण ऑक्सीजन सेंसर तक शामिल हैं। यह भी ध्यान रखें कि वाहन के साइलेंसर को कोई भी नुकसान होने पर वाहन पीयूसी जाँच में फेल हो जाएगा।
यह दृढ़ता से अनुशंसा की जाती है कि अगर कोई वाहन पीयूसी जाँच में फेल रहता है, तो उसे पूरी जांच और मरम्मत के लिए किसी प्रमाणित सर्विस सेंटर में ले जाया जाए।