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Electric Vehicle Battery: इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी का बढ़ेगा उत्पादन, सरकार ने उठाया यह कदम

Tue, 22 Nov 2022 06:31 PM IST
समीर गोयल ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बढ़ा कदम उठाया है। इसके लिए सरकार ने डीएसटी और सीएसई से एक मंच बनाने के लिए कहा है।

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For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत में लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में बढ़ोतरी हो रही है। ईवी को लेकर सरकार भी बेहद गंभीर है। इसी क्रम में डिपार्टमेंट ऑफ साइसं एंड टेक्नोलॉजी और सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट की ओर से एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा जो भारत की जरूरतों को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी बनाने में मदद करेगा।

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तैयार होगा श्वेत पत्र
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई बैटरी तकनीक को विकसित करने के लिए एक श्वेत पत्र तैयार किया जाएगा। सीएसई ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इसके बाद इस प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए एक मंच को बनाया जाएगा।

कुछ समय पहले ईवी बैटरी पर एक बैठक हुई थी। उस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी जिसमें से एक मुद्दा देश में अलग-अलग तापमान और जलवायु के कारण ईवी बैटरी होने वाले प्रभाव पर भी चर्चा की गई थी।
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सामने हैं कई चुनौतियां

सीएसई की कार्यकारी निदेशक अनुसंधान अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि भारत ईवी कहानी को आगे बढ़ाने के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहनों के साथ काम कर रहा है, लेकिन लागत, सुरक्षा और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के संबंध में चुनौतियां बहुत अधिक हैं।

सीएसई क्लीन एयर एंड सस्टेनेबल मोबिलिटी की सीनियर प्रोग्राम मैनेजर मौसमी मोहंती ने कहा कि इस संयुक्त पहल का उद्देश्य इन कमियों को दूर करना और एक ऐसा मंच तैयार करना है जो सुरक्षित प्रौद्योगिकी समाधानों का आकलन, मूल्यांकन और पहचान करेगा।

सुरक्षित बैटरी की है जरूरत
दो पहिया वाहन के लिए सुरक्षित बैटरी के साथ ही कम दाम वाली बैटरी के लिए समाधान तलाशना एक चुनौती होगी। भारत में इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहन खरीदने वाला ग्राहक कीमत को लेकर तो सजग रहता ही है, साथ ही उसकी अपेक्षाएं भी काफी ज्यादा होती हैं। भारत के सामने कम कीमत वाली लेकिन ज्यादा सुरक्षित बैटरी बनाने की चुनौती है।

नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान 2020 के हिस्से के रूप में, भारी उद्योग विभाग ने साल 2015 में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए भारत में ईवी को तेजी से अपनाने के लिए खास योजना योजना तैयार की थी।

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