इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार में गलाकाट प्रतिस्पर्धा और घटते मुनाफे के बीच चीनी कार कंपनियां अब एक कदम आगे की सोच रही हैं। अपनी घटती ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए एक्सपेन्ग (Xpeng), श्याओमी (Xiaomi), निओ (NIO) और ली ऑटो जैसी दिग्गज कंपनियां अब सिर्फ सड़कों पर चलने वाली कारें नहीं, बल्कि इंसानों की तरह काम करने वाले 'ह्यूमनॉइड रोबोट' बनाने में जुट गई हैं। कारखानों में रोबोट तैनात करने से लेकर नए स्टार्टअप्स में निवेश तक, वाहन निर्माता अपनी किस्मत चमकाने के लिए इस नई तकनीक पर बड़ा दांव खेल रहे हैं।
सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक काउंटरप्वाइंट रिसर्च के अनुसार अगस्त तक दुनिया की करीब 20 वाहन कंपनियां ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स में प्रवेश कर चुकी थीं। इनमें आधे से ज्यादा चीन की कंपनियां हैं। मकसद सिर्फ नया कारोबार खड़ा करना नहीं, बल्कि खुद को टेक्नोलॉजी कंपनियों के तौर पर पेश करना और दूसरी ग्रोथ की राह तलाशना भी है। चीन के वाहन विनिर्माण क्षेत्र का औसत लाभ मार्जिन 2026 की पहली छमाही में सिर्फ 1.5 प्रतिशत रहा। एक्सपेंग के शेयर इस साल 45 प्रतिशत से ज्यादा, जबकि बीवाईडी के शेयर 13 प्रतिशत से अधिक गिर चुके हैं।
फिच रेटिंग्स के मुताबिक ऐसे माहौल में रोबोटिक्स में विविधीकरण कंपनियों को नए राजस्व स्रोत तलाशने और मौजूदा तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने का मौका दे सकता है।