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चीन की ईवी कंपनियों का रोबोटों पर बड़ा दांव: कारों की रफ्तार धीमी, ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स की ओर बढ़ीं कंपनियां

Wed, 09 Sep 2026 09:13 PM IST
Amar Sharma शेनझेन, अमर उजाला नेटवर्क

सार

चीन की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियां अब कारों के साथ ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने पर भी तेजी से दांव लगा रही हैं। वजह है ईवी बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, धीमी वृद्धि और घटता मुनाफा। एक्सपेंग, श्याओमी, एनआईओ, ली ऑटो और जीली जैसी कंपनियां रोबोट विकसित करने, स्टार्टअप में निवेश करने और अपने कारखानों में इनके इस्तेमाल की तैयारी कर रही हैं। जानें क्या है चीनी कंपनियों की प्लानिंग।
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Humanoid Robotics - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार में गलाकाट प्रतिस्पर्धा और घटते मुनाफे के बीच चीनी कार कंपनियां अब एक कदम आगे की सोच रही हैं। अपनी घटती ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए एक्सपेन्ग (Xpeng), श्याओमी (Xiaomi), निओ (NIO) और ली ऑटो जैसी दिग्गज कंपनियां अब सिर्फ सड़कों पर चलने वाली कारें नहीं, बल्कि इंसानों की तरह काम करने वाले 'ह्यूमनॉइड रोबोट' बनाने में जुट गई हैं। कारखानों में रोबोट तैनात करने से लेकर नए स्टार्टअप्स में निवेश तक, वाहन निर्माता अपनी किस्मत चमकाने के लिए इस नई तकनीक पर बड़ा दांव खेल रहे हैं। 
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सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक काउंटरप्वाइंट रिसर्च के अनुसार अगस्त तक दुनिया की करीब 20 वाहन कंपनियां ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स में प्रवेश कर चुकी थीं। इनमें आधे से ज्यादा चीन की कंपनियां हैं। मकसद सिर्फ नया कारोबार खड़ा करना नहीं, बल्कि खुद को टेक्नोलॉजी कंपनियों के तौर पर पेश करना और दूसरी ग्रोथ की राह तलाशना भी है। चीन के वाहन विनिर्माण क्षेत्र का औसत लाभ मार्जिन 2026 की पहली छमाही में सिर्फ 1.5 प्रतिशत रहा। एक्सपेंग के शेयर इस साल 45 प्रतिशत से ज्यादा, जबकि बीवाईडी के शेयर 13 प्रतिशत से अधिक गिर चुके हैं। 

फिच रेटिंग्स के मुताबिक ऐसे माहौल में रोबोटिक्स में विविधीकरण कंपनियों को नए राजस्व स्रोत तलाशने और मौजूदा तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने का मौका दे सकता है। 
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एक्सपेंग का 900 मिलियन डॉलर का दांव

एक्सपेंग ने पिछले महीने रोबोटिक्स कारोबार के लिए 900 मिलियन डॉलर जुटाए। कंपनी के अनुसार यह चीन के एम्बॉडीड एआई क्षेत्र में सबसे बड़ी एकल फंडिंग है। इसके बाद उसकी रोबोटिक्स इकाई का मूल्यांकन 6.3 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया। जो उसके ईवी कारोबार के सिटी के अनुमानित 6.5 अरब डॉलर मूल्यांकन के लगभग बराबर है। फिर भी निवेशकों ने इस दांव पर खास उत्साह नहीं दिखाया और फंडिंग के बाद एक्सपेंग के शेयर गिर गए। 

कार की तकनीक से बनेगा रोबोट

  • जेफरीज के मुताबिक एक्सपेंग अपने मोटर, चिप और स्मार्ट-ड्राइविंग सॉफ्टवेयर का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा ह्यूमनॉइड रोबोट में इस्तेमाल कर सकती है। कंपनियां रोबोटों को पहले अपने कारखानों और स्टोर में लगाकर उनका परीक्षण और डेटा संग्रह कर सकती हैं।
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  • एक्सपेंग ने 2026 के अंत तक बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने और 2027 में चीन तथा विदेशी बाजारों में रोबोट उतारने की योजना बनाई है। श्याओमी अपने कारखाने में रोबोटों का परीक्षण कर रही है, जबकि एनआईओ की वेंचर शाखा रोबोटिक्स स्टार्टअप में निवेश कर चुकी है।
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असली परीक्षा बाजार में मांग की

  • ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वाहन कंपनियों के कारखानों के बाहर इनके पर्याप्त खरीदार मिलेंगे। जेफरीज को अभी बड़े बाहरी ऑर्डर या अगले साल रोबोटिक्स से होने वाली कमाई के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। 
  • शंघाई में पिछले महीने सूचीबद्ध यूनिट्री के शेयर लिस्टिंग के बाद 16 में से 12 कारोबारी सत्रों में गिरे। कंपनी के संस्थापक वांग शिंगशिंग का कहना है कि बड़े पैमाने पर व्यावसायीकरण में कई साल लग सकते हैं।
  • विशेषज्ञों की एक और चिंता यह है कि कारों की स्मार्ट-ड्राइविंग तकनीक को ह्यूमनॉइड रोबोट में सीधे इस्तेमाल करना आसान नहीं है। रोबोटों के लिए अधिक जटिल एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर विकसित करना होगा।
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