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Rare Magnets: रेयर मैग्नेट्स पर चीन की रोक से भारत के ऑटो सेक्टर को झटका, उत्पादन पर लग सकता है ब्रेक

Thu, 29 May 2025 02:22 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

China Restricts Rare Earth Magnets: चीन द्वारा रेयर अर्थ मैग्नेट्स के निर्यात पर अचानक लगाए गए प्रतिबंध से भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री संकट से घिर गई है। इस फैसले से भारत में वाहन उत्पादन पूरी तरह ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।
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Car Plant - फोटो : Freepik
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विस्तार
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चीन की ओर से रेयर अर्थ मैग्नेट्स के निर्यात पर अचानक लगाई गई पाबंदियों ने भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को मुश्किल में डाल दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह संकट इतना गंभीर है कि देश में कारों का उत्पादन कुछ ही दिनों में पूरी तरह से रुक सकता है। यह जानकारी ऑटो सेक्टर से जुड़े कंपनियों और इंडस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों के हवाले से सामने आई है।
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हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि भारत ने चीन के नए एक्सपोर्ट नियमों के अनुरूप ‘एंड यूज सर्टिफिकेट’ जारी करना शुरू कर दिया है, जिससे कुछ हद तक आयात फिर से शुरू हो गया है। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि अब तक 30 सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं, जिनमें यह स्पष्ट किया गया है कि ये मैग्नेट्स न तो रक्षा कार्यों में इस्तेमाल होंगे और न ही अमेरिका को निर्यात किए जाएंगे।

SIAM ने सरकार से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने सरकार से अपील की है कि वह चीन से बात करे और प्रतिबंधों में ढील दिलाए। SIAM ने एक मीटिंग में वाणिज्य मंत्रालय को बताया कि मई के अंत या जून की शुरुआत से देश में ऑटो उत्पादन पूरी तरह रुक सकता है। इस मीटिंग में मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स के अधिकारी भी शामिल थे।
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90% प्रोसेसिंग क्षमता चीन के पास
चीन इस वक्त दुनिया की 90% रेयर अर्थ मैग्नेट्स प्रोसेसिंग क्षमता पर कब्जा रखता है। अप्रैल में उसने अमेरिकी टैरिफ के जवाब में इन मैग्नेट्स के निर्यात पर सख्त नियम लागू कर दिए थे। इसके तहत चीन से एक्सपोर्ट के लिए पहले आयातकों को परमिशन लेनी होती है और यह साबित करना होता है कि सामग्री सैन्य इस्तेमाल में नहीं जाएगी।

निर्यात में गिरावट से बढ़ा संकट
कुछ कंपनियों जैसे वोक्सवैगन के लिए चीन से सप्लाई मंजूर की गई है, लेकिन भारतीय कंपनियों को इस प्रक्रिया में देरी का सामना करना पड़ रहा है। तीन ऑटो इंडस्ट्री अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भारत-चीन रिश्तों में तनाव के कारण मंजूरी मिलने में मुश्किल आ रही है।

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चीन से रेयर अर्थ मैग्नेट्स का निर्यात अप्रैल में 51% घटकर 2,626 टन पर आ गया। भारत ने बीते वित्त वर्ष में चीन से 460 टन मैग्नेट्स आयात किए थे और इस साल 700 टन (30 मिलियन डॉलर मूल्य) के आयात की उम्मीद है।
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SIAM और ACMA ने सरकार को एक अलग दस्तावेज में चेताया है कि “हालांकि रेयर अर्थ मैग्नेट्स की लागत वाहन के हिसाब से बहुत कम है, लेकिन अगर एक भी कंपोनेंट की कमी हो गई तो पूरी गाड़ी नहीं बन सकती।”

कहां काम आते हैं ये मैग्नेट्स
रेयर अर्थ मैग्नेट्स इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के मोटर्स से लेकर पारंपरिक गाड़ियों में पावर विंडो और ऑडियो सिस्टम जैसे रोजमर्रा के फीचर्स में भी इस्तेमाल होते हैं। ऐसे में इनकी कमी का असर सीधे वाहन उत्पादन पर पड़ रहा है। भारत के ऑटो पार्ट निर्माता इन मैग्नेट्स का सीमित स्टॉक रखे हुए हैं, जो मई के अंत तक खत्म हो सकता है।
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