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Car Curtain Rules: फैक्ट्री फिटेड पर्दे भी नहीं बचा सकते चालान से, जुर्माना आपको ही भरना पड़ेगा! जान लें नियम

Sun, 21 Jun 2026 02:22 PM IST
Suyash Pandey ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीे

सार

Factory-Fitted Curtains Can Still Lead to a Traffic Challan: कई कारों में कंपनी की ओर से रिट्रैक्टेबल विंडो कर्टेन दिए जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें चलते वाहन में इस्तेमाल करना हमेशा कानूनी है। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार कार के फ्रंट और रियर ग्लास में कम से कम 70% तथा साइड ग्लास में 50% विजिबिलिटी बनाए रखना जरूरी है।

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फैक्ट्री फिटेड पर्दे - फोटो : एआई
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विस्तार
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अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो दिख जाते हैं जहां कार मालिक और ट्रैफिक पुलिस के बीच बहस हो रही होती है। बहस का मुद्दा होता है कार के शीशों पर लगे पर्दे। चालक का तर्क होता है कि, "ये पर्दे कंपनी ने ही लगाकर दिए हैं, इसलिए मेरा चालान नहीं कटना चाहिए।"

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वहीं ट्रैफिक पुलिस का जवाब होता है कि, "गाड़ी के कांच पर किसी भी तरह का पर्दा या फिल्म लगाना गैरकानूनी है, चालान तो कटेगा।" ऐसे में सवाल उठता है कि जब देश में कार के शीशों पर पर्दे या फिल्म लगाना मना है, तो कार कंपनियां इन्हें लगाकर क्यों दे रही हैं? आइए इस पूरे मामले को समझते हैं।


क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट का नियम?

साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने कारों के शीशों की विजिबिलिटी को लेकर एक सख्त फैसला सुनाया था। नियमों के अनुसार:

  • फ्रंट और रियर ग्लास: इनमें न्यूनतम 70% विजिबिलिटी होना अनिवार्य है। यानी बाहर की कम से कम 70% लाइट कार के अंदर आनी चाहिए।
  • साइड ग्लास: इनमें न्यूनतम 50% विजिबिलिटी होना जरूरी है।

इस नियम के कारण शीशों पर किसी भी तरह की डार्क फिल्म, जालीदार कवर या सन-शेड्स लगाना पूरी तरह से गैरकानूनी है। अगर आपकी कार में टिंटेड ग्लास लगे हैं, तो उनका भी सीधा कंपनी से लगकर आना जरूरी है; आप उन्हें बाजार से नहीं लगवा सकते।

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तो फिर कार कंपनियां पर्दे लगाकर क्यों देती हैं?

अगर पर्दे लगाना मना है, तो कंपनियां इन्हें क्यों दे रही हैं? इसका सीधा सा जवाब है- ये पर्दे चलती हुई गाड़ी के लिए नहीं दिए जाते हैं।
कंपनियां ये इन-बिल्ट पर्दे दो खास वजहों से देती हैं:

  • धूप से बचाव: जब आपकी गाड़ी किसी खुली पार्किंग में खड़ी हो, तो केबिन को ज्यादा गर्म होने से बचाने के लिए आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • प्राइवेसी: खड़ी हुई गाड़ी में आपकी निजता बनाए रखने के लिए।
  • साफ शब्दों में कहें तो: इनका इस्तेमाल केवल तब किया जाना चाहिए जब गाड़ी पार्क हो। ड्राइविंग के दौरान इनका इस्तेमाल करने पर ट्रैफिक पुलिस आपका चालान काट सकती है।


क्या चालान कटने पर कार कंपनी पर केस कर सकते हैं?

कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि कंपनी के दिए पर्दों पर चालान कटा है, तो क्या कंपनी पर केस कर दें? इसका जवाब है- नहीं। कंपनी पर केस करने से आपको कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि कार खरीदते समय आपने जिन नियम और शर्तों वाले कागजातों पर दस्तखत किए थे, उनमें कंपनी ने इन बातों को पहले ही साफ कर दिया होता है।


किसे है पर्दे लगाने की छूट?

भारत में काले शीशे या पर्दे लगाने के नियम से सिर्फ एक ही स्थिति में छूट मिलती है। अगर किसी व्यक्ति को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है, तो उनकी गाड़ियों पर यह नियम लागू नहीं होता।

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