देश भर में कार स्पीड लिमिट (सांकेतिक तस्वीर)
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भारत के ज्यादातर बड़े हाईवे पर निजी कारों की स्पीड लिमिट लगभग एक समान होती है। यह सीमा केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के जरिए तय किए गए नियमों पर आधारित होती है। कुछ राज्यों में आधुनिक और विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे हैं, जहां कारें तेज रफ्तार से चलाने की अनुमति होती है। वहीं कुछ राज्यों में सड़क की हालत और सुरक्षा को देखते हुए स्पीड लिमिट कम रखी जाती है। आइए जानते हैं विभिन्न राज्यों और प्रमुख एक्सप्रेसवे पर क्या हैं अधिकतम गति के नियम।
सबसे अधिक गति सीमा वाले राज्य और एक्सप्रेसवे
केंद्र सरकार ने एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर चलने वाली निजी कारों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट तय की है। एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे एक खास तरह की सड़क होती है, जिसे तेज रफ्तार वाहनों के लिए बनाया जाता है। इसमें प्रवेश और निकास बहुत सीमित और नियंत्रित होते हैं। इन एक्सप्रेसवे पर M1 कैटेगरी की गाड़ियां (जिनमें ड्राइवर के अलावा अधिकतम 8 लोग बैठ सकते हैं) के लिए 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तय है। यह भारत में कारों के लिए कानूनी रूप से सबसे ज्यादा स्पीड लिमिट है। इनमें हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात राज्य शामिल हैं। जहां एक्सप्रेसवे पर कारों को 120 किमी/घंटा या इसके आसपास की स्पीड की अनुमति है। इन राज्यों से गुजरने वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के नए हिस्सों पर यह स्पीड लिमिट लागू है। इसके अलावा, हरियाणा के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भी कारों के लिए यही गति सीमा तय की गई है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में समृद्धि महामार्ग (मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे) पर अधिकतम गति सीमा 120 किमी/घंटा है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा 100 किमी/घंटा है।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में प्रमुख एक्सप्रेसवे (जैसे पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे) 120 किमी/घंटा की 'डिजाइन स्पीड' वाले हैं। वर्तमान में सुरक्षा कारणों और सर्दियों में कोहरे के कारण अक्सर यहां 100 किमी/घंटा की सीमा ही सख्ती से लागू की जाती है। यमुना एक्सप्रेसवे पर भी सामान्य तौर पर सीमा 100 किमी/घंटा है, जिसे सर्दियों में घटाकर 75 किमी/घंटा कर दिया जाता है।
कर्नाटक
कर्नाटक में हाल ही में बने बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर गति सीमा 100 किमी/घंटा निर्धारित की गई है। NH-66 और अन्य राज्य सड़कों पर जहां कोई विशिष्ट बोर्ड नहीं लगा है, वहां राष्ट्रीय राजमार्ग के सामान्य नियम (अक्सर 80-100 किमी/घंटा) लागू होते हैं।
तमिलनाडु
तमिलनाडु में केंद्रीय नियम 6-लेन राजमार्गों पर 120 किमी/घंटा की अनुमति देते हैं। लेकिन तमिलनाडु पुलिस अक्सर सख्त है और अधिकतम सीमा आमतौर पर 100 किमी/घंटा (और कई जगहों पर 80 किमी/घंटा) ही रखी जाती है। यहां '120 किमी/घंटा' की खुली छूट हर 6-लेन हाइवे पर उपलब्ध नहीं है।
केरल
केरल सरकार ने पहले 6-लेन राष्ट्रीय राजमार्गों पर 110 किमी/घंटा की अनुमति दी थी, लेकिन हालिया रिपोर्टों (2024-25) के अनुसार, इसे संशोधित कर अब अधिकतम 100 किमी/घंटा कर दिया गया है।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कारों (LMV) के लिए अक्सर 'कोई डिफॉल्ट सीमा नहीं' मानी जाती है। इसका अर्थ है कि अगर कोई स्थानीय बोर्ड नहीं लगा है, तो केंद्रीय मंत्रालय के जरिए निर्धारित उच्च सीमा (राजमार्गों पर 100 किमी/घंटा) व्यावहारिक रूप से मान्य होती है।
महत्वपूर्ण नोट (Disclaimer)
यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि गति सीमा कहीं भी 'एक समान' नहीं होती है, यह मौसम, जगह और परिस्थिती के हिसाब से बदलती रहती है। कुछ चीजें हैं जिन पर यह निर्भर करती है। जैसे- सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) है, एक्सप्रेसवे है या शहर की सड़क? उस राज्य के स्थानीय नियम क्या हैं? राज्य पुलिस या स्थानीय प्रशासन कोहरे, निर्माण कार्य या दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में गति सीमा को कम करने का अधिकार रखता है। मौसम भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान एक्सप्रेसवे पर सीमा अक्सर घटा दी जाती है।