भारत में कारोबार करना है तो यहां की पहचान व जरूरत के मुताबिक खुद को बदलना ही पड़ेगा।
अगर यह बात किसी कंपनी को समझ नहीं आती तो उसके लिए सिर्फ एक सलाह है कम से कम भारत में कारोबार करने की न सोचे। अतीत इस बात का गवाह है कि किस तरह मारुति आज देश की सबसे बड़ी ऑटोनिर्माता कंपनी बनी हुई है। हम आज इस बात का जिक्र महज इसलिए कर रहे हैं क्योंकि पूरी दुनिया में अपनी विश्वसनीयता के लिए जानी जाने वाली टोयोटा भारत में भी अपनी इसी छवि के साथ कारोबार कर रही है। पिछले दिनों जब टोयोटा ने इटियॉस को अपग्रेड किया तो यह बात सिद्व हो गई कि कंपनी किस तरह से अपने प्रोडक्ट को यहां के अनुकूल बनाने पर काम कर रही है। तो आइए आज आपको ले चलते हैं टोयोटा इटियॉस प्लेटिनम प्लस की ड्राइव पर और बताते हैं कि यह चलाने में कैसी कार है।
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सबकुछ लागे नया-नया
नई टोयोटा इटियॉस प्लेटिनम प्लस।
- फोटो : Amit Dwivedi
इटियॉस को जब भारत में टोयोटा ने आज से लगभग 7 साल पहले जब इस कार को लॉन्च किया तो यह साफ हो गया कि कंपनी किस तरह के ऑडियंश को टार्गेट करने जा रही है। यह पहली बार था जब कंपनी इस तरह की कार को भारत में लॉन्च कर रही थी। उस समय कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती के रूप में खड़ी थी मारुति सुजुकी डिजायर, टाटा इंडिगो और फिएट लीनिया। इसकी लॉन्चिंग से पहले कंपनी ने पूरे देश की हर परिस्थिति पहाड़, समतल, रेत, कच्ची सड़कें व गड्ढों वाली सड़कों पर इटियॉस की कठिन परीक्षा ली तब जाकर यह कार देश में लॉन्च हुई। लेकिन पहली बार में कोई भी कंपनी हर मुराद पूरी नहीं कर पाती, ठीक ऐसा ही हुआ और लोगों को इटियॉस में बहुत सी कमियां दिखीं। पर इसके बावजूद टोयोटा ने अपने दरादे दिखाते हुए एक साल बाद इटियॉस लीवा को बाजार में उतारकर बता दिया कि वह अपने फैसले पर मजबूती से कायम है।
ऑटो उत्साहियों को इस कार के इंजन ने खूब लुभाया और लोगों ने इसे काफी पसंद भी किया। लेकिन सात साल बाद कंपनी ने सबकी उन जरूरी बातों की लिस्ट बनाकर ग्राहकों की मुराद पूरी करने की कोशिश की जिसकी मांग वो कर रहे थे। पुरानी इटियॉस और नई में काफी फर्क है लेकिन एक चीज नहीं बदली जो आपको चुभ सकती है वो है इसका सेंटर कंसोल। यह मुझे ही नहीं किसी को पसंद नहीं है पर टोयोटा को यही पसंद है। लेकिन अब इंटीग्रेटेड हेडरेस्ट की जगह अलग हो सकने वाले हेडरेस्ट ने ले ली है साथ ही पीछे बैठे यात्रियों के लिए बीच में बंद हो सकने योग्य हैंडरेस्ट दे दिया गया है जिससे इस एंट्री लेवल सेडान में लग्जरी का तड़का लग गया है।
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सब फोर मीटर की शर्त नहीं
नई टोयोटा इटियॉस प्लेटिनम प्लस।
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टोयोटा ने अपनी इस कार के साथ सब फोर मीटर की कोई शर्त नहीं रखी है। इस सेगमेंट की यह इकलौती ऐसी कार है जिसने सब फोर मीटर पर टैक्स बचाने के लिए अपनी गाड़ी को चार मीटर की लंबाई में समेटने की कोशिश नहीं की है। वहीं दूसरी ओर इसकी कोर कंपटीटर मारूति सुजुकी डिजायर, होंडा अमेजा और हुंडई एक्सेंट जैसी कारें सब फोर मीटर के साथ टैक्स बेनीफिट ले रही हैं तो वहीं यह कार अपने ग्राहकों को 4369 मिलीमीटर लंबाई के साथ ढेर सारा केबिन स्पेस व बूट स्पेस प्रदान कर रही है। इसकी पिछली सीट काफी आरामदायक व मजेदार है जिसमें बैठकर आप एक बड़ी सेडान का आनंद उठाते हुए लंबी दूरी की यात्रा कर सकते हैं।
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बाहरी डिजाइन
नई टोयोटा इटियॉस प्लेटिनम प्लस।
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हम जिस कार को चला रहे थे वह लाल रंग की थी। रेड कलर में यह काफी आकर्षक लगती है। मौजूदा समय में यह कार टैक्सी ऑपरेटरों की पहली पसंद बनी हुई है। इसकी वजह स्पष्ट है क्योंकि इसमें ढेर सारी जगह है जिसमें पैसेंजर अपने सारे सामान के साथ अपने परिवार के साथ आराम से बैठ सकता है। इतने सालों में इस कार में हुए बदलाव में एक परिपक्वता नजर आई। इसका ग्रिल नया है व आकार में भी यह बड़ी लगती है। इसका फॉग लैंप भी बड़ा हो गया है। दोनों हेडलैंप को साथ जोड़ता ग्रिल ऐसा लगता है जैसे नदी के दो किनारों को खूबसूरती से मिला रहा हो। पहले की तुलना में मुझे इसका यह अंदाज ज्यादा अच्छा लगा। गाड़ी के साइड में दी गई क्रोम की लाइन के अलावा कोई और नयापन नहीं दिखाती। डोर हैंडल पर भी क्रोम फिनिश देखने को मिलता है। इसके चेहरे को चमकाती क्रोम फिनिश पीछे की डिजाइन में भी अहम भूमिका निभाती है और इसका रियर औसतन अच्छा लगता है। एक एंट्री लेवल सेडान न होती तो मैं अपनी हसरतों की तीन चार लाइनें यहां लिख देता। लेकिन इस कीमत रेंज में इससे क्या शिकायत करना। यह कार छह रंगो में उपलब्ध है।
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सुरक्षा फीचर्स
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इस कार में उन मानकों को कंपनी ने फॉलो किया है जो 2020 में कंपनियां फॉलो करेंगी। सुरक्षा फीचर्स की लिस्ट लंबी है लेकिन मुझे टोयोटा की यह बात काफी अच्छी लगी। कम से कम एक कार कंपनी ने भारत जैसे देश में एक कदम आगे बढ़ाया है जहां अब तक लोग सिर्फ गाड़ियां बेचने पर ही जोर दे रहे थे। इस सेडान में आपको आइसोफिक्स चाइल्ड सीट के लिए हुक, सभी वेरिएंट में दोहरा एयर बैग, ड्राइवर सीट पर प्री टेंशनर फोर्स लिमिटर सीट बेल्ट, ईबीडी के साथ एबीएस, नए सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम सुरक्षित रखेंगे।
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आरामदायक सेडान
नई टोयोटा इटियॉस प्लेटिनम प्लस।
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इस एंट्री लेवल सेडान में आराम का खासा ध्यान रखा गया है। इसके तहत आपको इटियॉस प्लेटिनम प्लस में नए ऑप्टीट्रॉन कांबीमीटर, स्टीयरिंग माउंटेड ऑडियो कंट्रोल, इस सेगमेंट सबसे ज्यादा केबिन स्पेस, रियर सेंटर आर्मरेस्ट, 592 लीटर का बूट स्पेस, हाइट अडजस्टेबल ड्राइवर सीट, नए इलेक्ट्रिकली फोल्डेबल ओआरवीएम के अलावा ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए कंपनी ने 3 साल या फिर 1 लाख किलोमीटर की अनलिमिटेड वारंटी भी इस पर ऑफर की है। मैंने इस कार में चार लोगों को बिठाकर उनकी राय ली तो लोगों ने इसके लुक को छोड़कर हर चीज पर अपना कमेंट दे दिया। इससे साफ था कि टोयोटा को अपनी इस कार के अगले अपडेट में थोड़ा स्टाइल पर ध्यान देना पड़ेगा।
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इंजन व परफॉर्मेंस
नई टोयोटा इटियॉस प्लेटिनम प्लस।
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इसके ड्राइविंग रवैये की बात करने से पहले आपको रूबरू करवाते हैं इसके इंजन से। टोयोटा ने इसमें 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन का प्रयोग किया है जो कि बेहद शांत है और यह 90 पीएस की शक्ति 5600 आरपीएम पर तथा 132 एनएम का टॉर्क 3000 आरपीएम पर प्रदान करता है। यहां पर हम महज पेट्रोल इंजन का जिक्र इसलिए कर रहे हैं क्योंकि जो कार हम चला रहे थे व पेट्रोल थी। मुझे इसकं इजन से कोई शिकायत नहीं है। पर इसके स्टीयरिंग से मुझे वह फीडबैक नहीं मिला अमूमन इस सेगमेंट की अन्य कारों जैसे कि डिजायर, अमेज जैसी गाड़ियों में मिलता है। यह अपनी लाइन को समझती है और कॉर्नर भी खूबसूरती से बिना अंडरस्टीयर य ओवरस्टीयर हुए लेती है पर इसका स्टीयरिंग फीडबैक गाड़ी के इंजन की योग्यता को सपोर्ट नहीं कर पाता। कंपनी इस पेट्रोल इंजन से 16.78 किमीप्रली का दावा करती है। हालांकि मुझे सिटी ड्राइविंग में 12 किमीप्रली से अधिक माइलेज नहीं मिला।
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कीमत
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इटियॉस का हम टॉप वेरिएंट 1.5 वीएक्स चला रहे हैं और इसकी एक्सशोरूम कीमत 7.85 लाख रुपये एक्सशोरूम दिल्ली है। वैसे इटियॉस के बेसिक मॉडल जीएक्स की कीमत 6.94 लाख रुपये एक्सशोरूम दिल्ली है। पर इस कीमत परउआपको वह वैल्यू दे देती है जिसकी उम्मीद आप एक एंट्री लेवल सेडान से करते हैं। अमेज व डिजायर में आपको उतनी जगह नहीं मिलेगी जितनी इस कार में मिल जाती है।
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