आमतौर पर गाड़ी की मेंटेनेंस आसान होती है। गाड़ी को समय-समय पर या फिर सर्विस रिमाइंडर आने पर सर्विस सेंटर पर छोड़ देना चाहिए। हालांकि, कभी-कभी अतिरिक्त रख-रखाव की जरूरत पड़ती है। और जब गाड़ी को ऐसे काम के लिए छोड़ा जाता है, तो एक अप्रत्याशित बिल आ जाता है। कभी-कभी, ये बिल सिर्फ धोखाधड़ी होते हैं, या तो बढ़ा-चढ़ाकर बनाए गए होते हैं या फिर किसी ऐसे पुर्जे के लिए होते हैं जिसे बदला ही नहीं गया। कार के रख-रखाव में होने वाली कुछ धोखाधड़ियों से बचने के लिए हम यहां आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं।
गाड़ी के रख-रखाव में धोखाधड़ी से बचने के लिए क्या करें
जानकारों से राय लें
जब कोई गाड़ी मेंटेनेंस चेक के लिए जाती है, और मैकेनिक आपको एक लिस्ट थमा देता है कि ये काम करने हैं। इसे लेकर अगर आप अनिश्चित हों तो दूसरी राय लेने में कभी संकोच न करें। यह असामान्य नहीं है कि वर्कशॉप आपसे ऐसे पुर्जे बदलने के लिए कहे जो बिल्कुल भी जरूरी नहीं हैं। अगर आप अनिश्चित हैं, तो बस किसी जानकार से इस बारे में राय लें।
इंजन फ्लश
'कार को पूरी तरह से फ्लश करने की जरूरत है' यह एक आम सलाह होती है। हालांकि कुछ मामलों में यह सच हो सकता है। लेकिन एक कार जिसका ऑयल नियमित रूप से बदला जाता है और रख-रखाव किया जाता है, उसे इंजन फ्लश की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होती है। यह वर्कशॉपों और कई बार अधिकृत सर्विस सेंटर्स पर भी एक आम धोखाधड़ी है। इससे सावधान रहें।
फ्लुइड फ्लश
इंजन फ्लश की तरह ही, फ्लुइड फ्लश एक और धोखाधड़ी है जिससे कई मैकेनिक ग्राहकों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। और ज्यादातर मामलों में, अनजान ग्राहक इसके चक्कर में आ जाते हैं। इंजन फ्लश की तरह, समय-समय पर रख-रखाव वाली कार को इसकी जरूरत नहीं होगी। और ज्यादातर मामलों में, इसे सिर्फ रिफिल करने की जरूरत होती है।
पुर्जे बदलना
ज्यादातर जगहों पर ब्रेक पैड, केबल, बेल्ट, फिल्टर जैसे कुछ पुर्जों को ही बदला जाएगा। हालांकि, कुछ जगहों पर सिर्फ अतिरिक्त पैसा कमाने के लिए उन्हें बदला दिया जाता है। और इससे भी बदतर तो तब होता है जब कुछ मैकेनिक आपसे इसके लिए पैसे तो लेते हैं लेकिन उन्हें बदलते ही नहीं हैं।
ज्यादा चार्ज करना
यह सबसे बड़े धोखों में से एक है जहां सर्विस सेंटर आपसे पुर्जों या उनके श्रम शुल्क के लिए अधिक वसूली करेंगे। सुनिश्चित करें कि आपको पहले एक अनुमान मिल जाए और अगर आपको लगता है कि यह सही नहीं है या आपको संदेह है, तो भी दूसरी राय लें। बिल का डिटेल्स मांगने में कभी संकोच न करें।