इंजन और कूलिंग सिस्टम को कैसे सुरक्षित रखें?
इंजन कार का दिल है और इसकी उम्र बढ़ाने के लिए ये कदम उठाएं:
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अच्छी गुणवत्ता वाले इंजन ऑयल का उपयोग करें और इसे तेल फिल्टर (ऑयल फिल्टर) के साथ समय पर बदलें।
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कूलिंग सिस्टम: कूलेंट के स्तर और उसकी स्थिति की नियमित जांच करें। रेडिएटर, पाइप और वॉटर पंप का निरीक्षण करें ताकि ओवरहीटिंग की समस्या न हो।
सस्पेंशन, क्लच और ब्रेक की स्थिति कैसी होनी चाहिए?
खराब रास्तों पर चलने से कार के इन हिस्सों पर अधिक दबाव पड़ता है:
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सस्पेंशन: यदि राइड क्वालिटी खराब हो रही है, तो बुश और शॉक एब्जॉर्बर की जांच कराएं।
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ट्रांसमिशन: मैन्युअल कारों में क्लच की घिसावट और ऑटोमैटिक कारों में समय पर 'ट्रांसमिशन फ्लूइड' बदलना सुचारू ड्राइविंग के लिए जरूरी है।
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ब्रेक: पैड, डिस्क और ब्रेक ऑयल की जांच करें, खासकर यदि आवाज या कंपन महसूस हो।
क्या 1 लाख किमी के बाद कार बेच देना ही एकमात्र विकल्प है?
बिल्कुल नहीं। कुछ लोग 1 लाख किमी के बाद कार बेचना पसंद करते हैं। लेकिन सही देखभाल के साथ आधुनिक कारें 1.5 लाख से 2 लाख किमी तक आसानी से चल सकती हैं। 1 लाख किमी का सफर कार का अंत नहीं, बल्कि एक नया पड़ाव है। लगातार रखरखाव और समय पर मरम्मत के जरिए आप अपनी कार की उम्र को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं।