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Car Loan: ईएमआई के जाल में न फंसें! नई कार खरीदने से पहले लोन से जुड़ी ये पांच बातें जानना जरूरी

Tue, 27 Jan 2026 03:08 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कार चुनने के साथ-साथ लोन की शर्तों को समझना भी उतना ही जरूरी है। लोन के कागजात पर दस्तखत करने से पहले अगर आप ये पांच बातें जान लेते हैं, तो गलत फैसला लेने से बच सकते हैं। 
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कार शोरूम - फोटो : AI
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विस्तार
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नई कार खरीदने का सपना हर किसी का होता है। लेकिन जब यह सपना कार लोन के जरिए पूरा किया जाता है, तो एक गलत फैसला आपकी मासिक बजट को बिगाड़ सकता है। अक्सर खरीदार सिर्फ EMI (ईएमआई) देखकर हामी भर देते हैं, जबकि फाइनेंस की असली शर्तें छोटे अक्षरों में छिपी होती हैं। ब्याज, चार्ज, अवधि और अतिरिक्त पैकेज, ये सब मिलकर कार की कुल लागत को काफी बढ़ा सकते हैं। इसलिए शोरूम में कागजों पर दस्तखत करने से पहले कुछ जरूरी बातों को समझ लेना बेहद जरूरी है, ताकि आपकी नई कार खुशी का कारण बने, बोझ नहीं। 

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सिर्फ ब्याज दर नहीं, कुल भुगतान पर ध्यान दें
ज्यादातर लोग कार लोन लेते समय केवल इंटरेस्ट रेट (ब्याज दर) पूछते हैं। लेकिन असल मायने रखता है कि पूरी अवधि में आप कुल कितनी रकम चुकाएंगे।
एक जैसी ब्याज दर होने के बावजूद, लोन की अवधि और अलग-अलग चार्जेज के कारण कुल भुगतान में बड़ा फर्क आ सकता है।

  • प्रोसेसिंग फीस
  • फाइल चार्ज
  • GST और अन्य शुल्क
ये सब EMI में साफ नजर नहीं आते, लेकिन कार की कुल कीमत बढ़ा देते हैं। इसलिए हमेशा यह पूछें कि लोन खत्म होने तक आपकी जेब से कुल कितना पैसा जाएगा।

ज्यादा डाउन पेमेंट मतलब सस्ता लोन
कम डाउन पेमेंट पर कार लेना आसान जरूर लगता है, लेकिन इससे लोन अमाउंट और ब्याज दोनों बढ़ जाते हैं।
अगर आप शुरुआत में ज्यादा रकम देते हैं:

  • लोन का मूलधन कम होगा
  • EMI ज्यादा मैनेजेबल रहेगी
  • कुल ब्याज में अच्छी-खासी बचत होगी
कोशिश करें कि सिर्फ न्यूनतम डाउन पेमेंट पर न रुकें, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ा ज्यादा भुगतान करें। यह फैसला लंबे समय में आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा।

लोन की अवधि सोच-समझकर चुनें
लंबी अवधि का लोन EMI को छोटा कर देता है, लेकिन इसके बदले आप काफी ज्यादा ब्याज चुकाते हैं।
वहीं, कम अवधि का लोन EMI को थोड़ा भारी बनाता है, लेकिन:

  • आप जल्दी कर्ज-मुक्त हो जाते हैं
  • कुल ब्याज कम देना पड़ता है

इसलिए सिर्फ EMI देखकर अवधि तय न करें। अपनी मासिक आय, जरूरी खर्च और बचत को ध्यान में रखते हुए ऐसा टेन्योर चुनें, जिसमें EMI भी संतुलित रहे और लोन बेवजह लंबा न खिंचे।

प्री-पेमेंट और फोरक्लोजर शर्तें जरूर पढ़ें
आज आपकी आमदनी जैसी है, जरूरी नहीं कि भविष्य में भी वैसी ही रहे। हो सकता है कि आप कुछ साल बाद लोन जल्दी चुकाने की स्थिति में हों।
लेकिन अगर बैंक या फाइनेंस कंपनी इस पर भारी पेनल्टी लगाती है, तो आपका फायदा कम हो जाता है।
इसलिए लोन लेते समय यह जरूर पूछें:

  • प्री-पेमेंट चार्ज कितना है
  • फोरक्लोजर पर कोई जुर्माना तो नहीं
  • शुरुआती वर्षों में ज्यादा चार्ज तो नहीं लिया जाएगा

 

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इंश्योरेंस और एक्स्ट्रा पैकेज के जाल में न फंसें
अक्सर शोरूम फाइनेंस के साथ महंगे इंश्योरेंस और एक्सेसरी पैकेज जोड़ देते हैं। ये EMI में शामिल हो जाते हैं, जिससे असली लागत समझना मुश्किल हो जाता है।
ध्यान रखें:

  • आप चाहें तो इंश्योरेंस बाहर से भी ले सकते हैं
  • अलग-अलग कंपनियों की तुलना करना आपका अधिकार है
  • एक्सटेंडेड वारंटी, मेंटेनेंस पैकेज या अन्य ऐड-ऑन तभी लें, जब उनकी सच में जरूरत हो

वरना बिना वजह आपकी कार और महंगी हो जाएगी।

समझदारी से फाइनेंस करें, तनाव से बचें
कार फाइनेंस कोई जल्दबाजी का फैसला नहीं होना चाहिए। EMI से आगे सोचें, शर्तों को पढ़ें और तभी साइन करें। सही जानकारी और थोड़ी समझदारी आपको लंबे समय की आर्थिक परेशानी से बचा सकती है और आपकी नई कार की खुशी बरकरार रखेगी। 

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