जब भी हम कार इंश्योरेंस लेते हैं, तो अक्सर सिर्फ बेसिक पॉलिसी ही चुनते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ खास ऐड-ऑन कवर लेने से आपको बड़ा फायदा हो सकता है। ये एक्स्ट्रा कवर न सिर्फ आपके खर्चे बचाते हैं, बल्कि मुश्किल हालात में भी आपको मदद करते हैं। आइए जानते हैं 5 जरूरी एड-ऑन कवर, जो हर कार मालिक को लेने चाहिए।
जीरो डेप्रिसिएशन कवर – पूरा क्लेम, कोई कटौती नहीं!
जब आप इंश्योरेंस क्लेम करते हैं, तो बीमा कंपनी गाड़ी के पार्ट्स की डेप्रिसिएशन (मूल्य ह्रास) काटकर ही रकम देती है। लेकिन जीरो डेप्रिसिएशन कवर लेने पर आपको पूरा क्लेम मिलता है, बिना किसी कटौती के। इससे मरम्मत का खर्च आपके ऊपर नहीं आता और आपकी बचत होती है।
इंजन प्रोटेक्शन कवर – इंजन की सुरक्षा जरूरी है!
आमतौर पर बीमा कंपनियां इंजन को हुए नुकसान को कवर नहीं करतीं, खासकर पानी भर जाने या ऑयल लीक होने की स्थिति में। इंजन प्रोटेक्शन कवर लेने से इंजन की मरम्मत या बदलने का खर्च इंश्योरेंस कवर करता है। यह उन गाड़ियों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जिनकी कंपनी वारंटी खत्म हो चुकी हो।
रोडसाइड असिस्टेंस कवर – जब भी, जहां भी जरूरत हो!
अगर आपकी कार रास्ते में अचानक खराब हो जाए, तो यह कवर बहुत काम आता है। रोडसाइड असिस्टेंस कवर में टॉइंग सर्विस, फ्यूल डिलीवरी, बैटरी जंप-स्टार्ट और छोटी-मोटी मरम्मत जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इससे आपको मदद के लिए भटकना नहीं पड़ता और तुरंत सहायता मिल जाती है।
कंज्यूमेबल्स कवर – छोटे-छोटे खर्चों से राहत!
आपके इंजन ऑयल, ब्रेक फ्लूड, नट-बोल्ट और अन्य छोटे सामान का खर्च आम बीमा पॉलिसी में शामिल नहीं होता। लेकिन कंज्यूमेबल्स कवर लेने से यह सारा खर्च कवर हो जाता है। इससे सर्विसिंग या रिपेयर के दौरान आपकी जेब पर बोझ नहीं पड़ता।
रिटर्न टू इनवॉइस कवर – गाड़ी चोरी या टोटल लॉस होने पर पूरा पैसा वापस!
अगर गाड़ी चोरी हो जाए या पूरी तरह खराब हो जाए (टोटल लॉस), तो आमतौर पर इंश्योरेंस कंपनी गाड़ी के मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से ही पैसा देती है। लेकिन रिटर्न टू इनवॉइस कवर लेने पर आपको गाड़ी का पूरा इनवॉइस प्राइस, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन चार्ज भी वापस मिल जाता है।