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कार क्रैश टेस्ट में एक बार फिर फेल हुईं ये दो भारतीय कारें

Mon, 19 Sep 2016 04:42 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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ग्लोबल NCAP (न्यू कार एस्समेंट प्रोग्राम) क्रैश टेस्ट के दौरान पहले भी भारत में बनी कारों के नतीजे चिंताजनक रहे हैं। क्रैश टेस्ट के दौरान भारत में तैयार कई कारें फेल होती आई हैं।
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इस बार ग्लोबल  NCAP क्रैश टेस्ट के दौरान रेनो क्विड 1.0-लीटर वर्जन और होंडा मोबिलियो को परखा गया। इस क्रैश टेस्ट में रेनो क्विड 1.0-लीटर वर्जन को जहां 1 स्टार मिला वहीं होंडा मोबिलियो इस टेस्ट में पूरी तरह से फेल रही और इसे 0 स्टार दिया गया।

बीते दो साल में ग्राहकों में जागरूकता बढ़ने के साथ ही कार कंपनियों ने सेफ्टी के मामले में ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया है। ऐसे में उम्मीद थी कि इस बार भारतीय कारों का प्रदर्शन पहले से कहीं बेहतर रहेगा।
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पहले भी फेल हो चुकी हैं ये 5 कारें

इस टेस्ट के दौरान होंडा मोबिलियो के एयरबैग वेरिएंट को 3 स्टार मिले हैं। टेस्‍टिंग प्रोटोकॉल के तहत सभी कारों (बेस वेरि‍एंट्स सहित) में एयरबैग होना अनि‍वार्य है, साथ ही प्रोटोकॉल के तहत सभी कारों को एंटी-लॉक ब्रेकिंग सि‍स्‍टम सर्टि‍फि‍केट होना चाहिए।

गौरतलब है कि मई, 2016 को क्रैश टेस्ट के आए नतीजे अच्छे नहीं रहे थे। एजेंसी द्वारा किए गए परिक्षण में 5 भारतीय कारें फेल हो गई थी। 

कारों की सुरक्षा का स्‍तर जांचने के लिए किए जाने वाले क्रैश टेस्‍ट में मारुति‍ सुजुकी सेलेरि‍यो, मारुति ईको वेन, महिंद्रा स्‍कॉर्पि‍यो, रेनो क्‍वि‍ड और हुडई इऑन को इस टेस्ट में जीरो रेटिंग मिली है।
 
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