भारतीय कार बाजार में मिलकर अपने उत्पाद बना रहीं निसान और रेनो जल्द ही अलग होने जा रही हैं। जल्दी ही लॉन्च होने वाली टेरानो इन दोनों कंपनियों की आखिरी गाड़ी होगी।
एसयूवी सेगमेंट की टेरानो, रेनो की बहुचर्चित कार डस्टर के कॉन्सेप्ट पर बनी है। इससे पहले भी निसान की माइक्रा, रेनो पल्स और निसान की सनी, रेनो की स्काला के बेस प्लेटफार्म पर बनी थीं।
टेरानो निसान की तीसरी कार है जो डस्टर के प्लेटफॉर्म पर आधारित है। उम्मीद जताई जा रही है कि निसान टेरानो भारतीय बाजार में सितंबर तक आ जाएगी। ये इन दोनों कंपनियों की आखिरी संयुक्त कार होगी। फिलहाल जारी स्केच के अनुसार टेरानो का लुक कुछ इसी तरह का होगा।
दोनों कंपनियों को उम्मीद थी कि साथ काम करने से सस्ते और बढ़िया वाहनों का निर्माण हो सकेगा। हालांकि दोनों कंपनियों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं। इससे पहले रेनो ने भारतीय आटो कंपनी महिंद्रा के साथ भी काम किया था जो बाद में टूट गया था।