ये कार सूरज की रोशनी से दौड़ेगी। इसकी रफ्तार 140 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। सूरज की रोशनी नहीं होने पर भी 250 किलोमीटर तक यह दूरी तय करेगी।
ये है देश की पहली फैमिली सोलर कार ‘आर्क’। कार ‘आर्क’ इस साल के अंत तक लॉंच की जा सकती है।
पांच सीटर कार को भारतीय सड़कों के मुताबिक डिजाइन किया गया है। इसकी कीमत भी आम लोगों की जेब के अनुसार सात से आठ लाख के बीच में होगी।
इस कार को बनाने का श्रेय जाता है आगरा निवासी शहीद मेजर शेखर मिश्रा के बेटे धीरज को।
धीरज ने दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई के दौरान प्रोजेक्ट सोलारिस के तहत सोलर एनर्जी से चलने वाली तीन पहियों वाली रेसर कार ‘एवेनीर’ तैयार की थी।
अक्टूबर 2011 में इस कार ने आस्ट्रेलिया में वर्ल्ड सोलर चैलेंज कार रैली में भाग लिया। तब इस कार को सर्वाधिक किफायती कार का अवार्ड मिला। इसके बाद धीरज ने टीम के साथ पहली फैमिली सोलर कार ‘आर्क’ बनाई।
इसका अनावरण राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने चार सितंबर 2012 को राष्ट्रपति भवन में किया था।
धीरज ने बताया कि सोलर कार ‘आर्क’ को जल्द बाजार में उतारने की योजना है। इसके लिए बातचीत चल रही है। इस कार में कई और बदलाव किए गए हैं। अब इसकी रफ्तार 140 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी।
नेशनल अवार्ड मिला
धीरज को अपने सोलर प्रोजेक्ट डीटीयू सोलारिस के लिए अहमदाबाद में 18 मई को आयोजित समारोह में सीआईआई की ओर से ‘टेक्नोलाजी एजूकेशन एक्सीलेंस अवार्ड 2013’ से सम्मानित किया गया।
उन्हें ये पुरस्कार नाइजीरिया के राजनेता ने प्रदान किया। धीरज को इसके पूर्व आगरा मेधावी रत्न समेत कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
धीरज ने अपनी कामयाबी के लिए मां राजश्री मिश्रा को श्रेय दिया। इस मौके पर मारसंस के नितिन जैन, राजीव गुप्ता आदि मौजूद थे।