कुछ लोग अपनी सिक्स्थ सेंस (छठी इंद्री) से अंदाजा लगाकर खुद को होने वाले नुकसान से बचा लेते हैं। भले ही यह छठी इंद्री इंसान को प्रकृति की खास देन हो, लेकिन कार निर्माता कंपनी जगुआर ने इसे एक तकनीक का रूप दे दिया है।
कंपनी की मानें, तो यह तकनीक कार दुर्घटनाओं को कम करने में कारगर होगी। यह तकनीक कार चालक की मस्तिष्क तरंगों को पहचानकर बताएगी कि ड्राइविंग के दौरान कार चालक का ध्यान सड़क पर है या नहीं।
इसके अलावा यह तकनीक ड्राइवर की हार्ट बीट, श्वास गति, थकान, स्ट्रेस, ध्यान में कमी जैसी चीजों की भी पहचान करने में सक्षम होगी।
फिलहाल इस तकनीक को इंग्लैंड के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में विभिन्न मानकों पर परखा जा रहा है। कंपनी इस तकनीक को जगुआर लैंडरोवर के नए सेग्मेंट में लॉन्च करने का मन बना रही है।